
पीएम मोदी को कहे आपत्तिजनक शब्द वायरल किया वीडियो और फिर पुलिस ने युं सिखाया सबक...
चित्रकूट: लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक संविधान द्वारा प्रद्दत वह ताकत है जिसके द्वारा सभी को अपनी बात रखने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता मिलती है और एक स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा में यह आवश्यक भी है. देश में हम गाहे बगाहे इस ताकत के गलत इस्तेमाल की खबरें देखते सुनते रहते हैं और इसके लिए संवैधानिक पदों पर आसीन लोग भी काफी नाम कमा चुके हैं. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला अक्सर गलत बयानबाजियों विचारों अपशब्दों के इस्तेमाल के द्वारा घोटने की एक नई परंपरा का सूत्रपात हुआ है देश में तो यह कहना गलत न होगा. बात चाहे आम लोगों की हो या खास आए दिन मीडिया और सोशल मीडिया में ऐसे बयानात आते रहते हैं जिसके बाद सियासत के गलियारे से लेकर बीच सड़क काफी हंगामा देखने को मिलता है और ऐसे जहरीले बयान देने वाले जिम्मेदार फिर बोलते हैं हंगामा है क्यों बरपा..
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गलत ओछा इस्तेमाल करने वाले आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. चार आरोपियों में दो को गिरफ्तार किया गया है जबकि दो अन्य की तलाश की जा रही है. कानून के शिकंजे में आने के बाद आरोपियों की हालत पतली हो गई और जोश जोश में उनके द्वारा की गई यह गुस्ताख़ी और फिर सोशल मीडिया पर उसे वायरल करना उन्हें भारी पड़ गई. अब पछताए होत का जब चिड़िया चुंग गई खेत वाली कहावत चरितार्थ हो रही है आरोपियों के साथ. इससे पहले कि वायरल वीडियो को लेकर हंगामा होता पुलिस ने अपना काम करते हुए आरोपियों को सबक सिखा दिया.
पीएम को अपशब्द कहे फिर वायरल किया वीडियो
जनपद के मानिकपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को पीएम मोदी को अपशब्द कहने और फिर सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. वीडियो में पीएम के लिए बेहद आपत्ति जनक शब्दों का प्रयोग किया गया है जिसे हम सुना नहीं लिखते और न लिख सकते हैं. सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के बाद भाजपा नेताओं सहित इलाके में हड़कम्प मच गया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को चेतावनी दी गई पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से. देश के उच्च संवैधानिक पद पर आसीन पीएम के लिए इस तरह के घोर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल और वीडियो वायरल होने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने एक्शन लेते हुए इस दुष्कृत्य में प्रमुख दो आरोपियों को दबोचते हुए उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जबकि प्रकरण में कुछ अन्य के शामिल होने की जानकारी पुलिस को मिली है जिनकी तलाश जारी है.
ग्रामीण क्षेत्र से सम्बन्धित हैं आरोपी
ऐसा नहीं कि सोशल मीडिया का दुरूपयोग सिर्फ हाई प्रोफाइल शहरों में या पढ़े लिखे लोगों या समाज में वैमनस्यता बढ़ाने वाले लोगों द्वारा किया जाता हो बल्कि अब इसकी आग दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच गई है. सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म इस दुरूपयोग का साधन बन रहे हैं. जो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं वे कोई उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं बल्कि थाना क्षेत्र के एक पिछड़े ग्रामीण इलाके से सम्बंधित हैं जो इस तरह की ओछी हरकत करते हुए कानून के शिकंजे में आ गए. मोहन व् अवधेश नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. वीडियो पिछले दिनों वायरल किया गया था जिसको लेकर भाजपा नेताओं ने थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई थी.
Published on:
24 Aug 2018 06:24 pm
बड़ी खबरें
View Allचित्रकूट
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
