
Crack railway track
चित्रकूट. बीते साल यूपी में रेल हादसों की संख्या काफी रही, लेकिन उसके बाद भी रेलवे प्रशासन जागता नहीं दिख रहा है। आज एक बार फिर चित्रकूट में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रेल पटरियों के टूटने चटकने की खबरों को सुनकर व् तस्वीरों को देखकर यही कहा जा सकता है कि रेलवे में सफर करना सुरक्षित नहीं है। एक के बाद एक होते और टलते भीषण हादसे भी रेलवे को नींद से जगा नहीं पा रहे हैं। जांच के बाद खानापूर्ति और फिर चैन की नींद सो जाना रेलवे के अधिकारीयों का सिद्धान्त बन गया है। एक बार फिर हजारों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ते-पड़ते रह गई। दरअसल लोकमान्य तिलक टर्मिनल (मुंबई) से इलाहाबाद जा रही तुलसी एक्सप्रेस भीषण हादसे का शिकार होने से बच गई। शुक्र है कि उन कर्मचारियों की नजर टूटी हुई रेल पटरी पर पड़ी और उन्होंने तुरंत आगाह करते हुए ट्रेन को रोक दिया गया। हालांकि कोहरे की वजह से ट्रेन उतनी तेज रफ्तार में नहीं थी अन्यथा कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था।
यूं टला बड़ा रेल हादसा-
यदि रेल कर्मचारी द्वारा टूटी हुई रेल पटरी पर नजर नहीं पड़ती तो लोकमान्य तिलक टर्मिनल से इलाहाबाद जा रही तुलसी एक्सप्रेस चित्रकूट के मानिकपुर व् इलाहाबाद रेलखण्ड पर भयानक हादसे का शिकार हो सकती थी। दरअसल लोकमान्य तिलक टर्मिनल से इलाहाबाद जा रही तुलसी एक्सप्रेस जैसे ही मानिकपुर इलाहाबाद रेलखण्ड के लोहगरा स्टेशन के आउटर पर पहुंची तब ट्रेन रोक दी गई। अचानक इस तरह से ट्रेन रोकने की वजह जब यात्रियों को मिली तो उन्होंने ऊपरवाले का शुक्रिया अदा किया। आउटर ट्रैक जिस पर से ट्रेन को गुजरना था वो टूटा हुआ था। टूटे हुए ट्रैक को देखकर दुर्घटना का अंदाजा लगाया जा सकता है। सूचना पर पहुंचे रेलवे अधिकारीयों ने ट्रैक की मरम्मत करवाई तब जाकर ट्रेन रवाना हो सकी।
Published on:
03 Jan 2018 05:09 pm
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