
चित्तौड़गढ़। गांधी नगर इलाके में रहने वाले तीन बच्चों की नहाते समय गंभीरी नदी के बागलिया देह में डूबने से मौत हो गई। जबकि एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मरने वालों में दो सगे भाई व तीसरा उनकी भुआ का बेटा शामिल है।
गांधी नगर में मजिस्ट्रेट कॉलोनी के पीछे रहने वाले शौकत अली के पौत्र व अब्दुल लतीफ के पुत्र रियाज (16) व दानिश (13) तथा शौकत अली के नवासे बिजय नगर के बरल निवासी नदीम (15) पुत्र नईम व उसका भाई मोबिन (17) रविवार को सुबह मदरसा जाने की कहकर घर से निकले थे, लेकिन चारों बच्चे मदरसा जाने के बजाए नहाने के लिए गंभीरी नदी के बागलिया देह चले गए।
वहां नहाते समय नदीम गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए शेष तीनों बच्चों ने उसका हाथ पकड़ लिया। देखते ही देखते चारों बच्चे डूब गए। मौके पर खड़े राजू नामक युवक ने बच्चों को डूबते देखा तो उनमें से एक मोबिन को उसने पानी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राजू शौकत के यहां टेंट का काम करता है। शेष बच्चों को भी राजू ने पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
हादसे की खबर सुनते ही शौकत के परिवार में कोहराम मच गया। महिलाओं का रूदन थम नहीं पा रहा था। मौहल्लावासियों व परिचितों की आंखें भी नम थी। तीनों बच्चों के शव को ऑटो में डालकर सांवलियाजी अस्पताल ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
नवासे की मौत की सूचना बरल गांव में रह रहे उनके परिजनों को मिली तो वे भी चित्तौड़गढ़ पहुंच गए। सबसे पहले पूर्व सभापति गीता देवी योगी व पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेशनाथ अस्पताल पहुंचे और एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई। बाद में विधायक चन्द्रभानसिंह, नगर परिषद सभापति सुशील शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री प्रमोद सिसोदिया, भाजपा नगर अध्यक्ष नरेन्द्र पोखरना आदि अस्पताल पहुंचे।
बुझ गया घर का चिराग
शौकत अली के पुत्र लतीफ के रियाज व दानिश दो ही पुत्र थे और दोनों की डूबने से मौत हो जाने से घर का चिराग ही बुझ गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। लोगों के सात्वना देने पर भी रूदन थम नहीं पा रहा था।
Published on:
08 Apr 2018 03:09 pm
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