3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाजपा के विधायक एवं ग्रामीणों ने इस सरकारी विभाग पर लगाए गंभीर आरोप…पढ़े पूरी खबर

नीमच नारकोटिक्स विभाग की ओर से अफीम उत्पादकों के खिलाफ फर्जी कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए छह गांवों के अफीम उत्पादक कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां पर उन्होंने कपासन विधायक के साथ वित्त मंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा।

2 min read
Google source verification

कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों की बात सुनते विधायक अर्जुनलाल जीनगर

चित्तौडगढ़़. नीमच नारकोटिक्स विभाग की ओर से अफीम उत्पादकों के खिलाफ फर्जी कार्रवाई करने का आरोप लगाते अफीम उत्पादक काश्तकारों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे कपासन विधायक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस पर एडीएम ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। निकटवर्ती ग्राम रूद, नारायणपुरा, खारखंदा, पावली, बारू और भीमगढ़ सहित आस-पास के अफीम उत्पादक काश्तकार गुरुवार को वाहनों में दोपहर 12 बजे कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां पर उन्होंने मुख्यद्वार पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। करीब एक बजे कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने नीमच के नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की। ग्रामीणों ने विधायक के नेतृत्व में एडीएम को केन्द्रीय वित मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने नारकोटिक्स विभाग की ओर से की गई फर्जी कार्रवाई को निरस्त करवाने एवं नारकोटिक्स की कार्रवाई लोगों की उपस्थिति में करने की मांग की, जिससे निर्दोष किसानों को फंसाया नहीं जा सके। इसके पश्चात सांसद सी.पी.जोशी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।

यह है मामला

कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने बताया कि 18 जून को नारकोटिक्स विभाग नीमच ने रूद गांव में रतनलाल के नाम पर अफीम काश्त का पट्टा जारी है। वह सुबह 6 बजे अपने खेत पर गए तो नाटकोटिक्स की टीम ने उन्हें घेर लिया। उनसे पूछा की अफीम कहा पर है। इस पर उन्होंने अफीम होने से इंकार कर दिया। टीम ने खेत के पास खुदवाए गए बोर के निकट खुद ने ही करीब सात इंच जमीन खोदी और उसमें स्टील की कैटली को निकाली। उसमें कथित तौर पर अफीम होना बताते हुए रतनलाल को गिरफ्तार कर लिया। उसी समय उसका पुत्र किशन भी मौके पर पहुंचा। उसे भी पट्टेदार बताते हुए गिरफ्त में ले लिया। उन्होंने किशनलाल को छोडऩे की एवज में मुखिया के मार्फत 45 लाख की मांग की और दो दिन की मोहलत देते हुए पिता रतनलाल को अपने साथ ले गए। ज्ञापन में बताया कि रतनलाल के घर और खेत में तीन किलोमीटर की दूरी है। वहां से आम रास्ता निकल रहा है। यदि यह अफीम रतनलाल की होती तो वह घर से तीन किलोमीटर दूर क्यों छुपाता। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई नारकोटिक्स विभाग द्वारा मुखिया के जरिए फर्जी तरीके से अंजाम दी गई है। इसी प्रकार पिछले दस दिनों में दस से अधिक केस इसी तरह बनाए गए हैं। उनसे भी लाखों रुपए की मांग की गई थी।

यह भी पढ़े…राजस्थान का चित्तौडगढ़़ इस काम में चल रहा अव्वल, आमजन को मिलेगा फायदा

Story Loader