
एनडीपीएस कोर्ट ने सुनाई सजा
चित्तौडगढ़।
एनडीपीएस प्रकरणों के विशेष कोर्ट क्रमांक दो की पीठासीन अधिकारी ममता व्यास ने 950 ग्राम ब्राउनशुगर की तस्करी के करीब पांच साल पुराने मामले में एक तस्कर को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई, वहीं दो लाख रुपए का अर्थदंड भी दिया गया।
विशेष लोक अभियोजक अर्जुनलाल तिवारी ने बताया कि 10 दिसंबर 2012 को निम्बाहेड़ा के तत्कालीन थानाधिकारी ने मुखबिर से सूचना पर छोटीसादड़ी मार्ग पर नाकाबंदी की। इस दौरान वहां हाथ में थैली लिए एक युवक आया। उसने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। घेरा देकर पकडऩे पर युवक ने अपना नाम मंदसौर सिटी कोतवाली थानांतर्गत खानपुरा हाल कासोद निम्बाहेड़ा निवासी गौरव पुत्र राजकुमार ब्राह्मण बताया।
उसके हाथ में मिली थैली की तलाशी में 950 ग्राम ब्राउनशुगर मिली, जिसे बरामद कर गौरव को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने जांच के बाद विशेष कोर्ट क्रमांक-दो में चालान पेश किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश व्यास ने अभियुक्त गौरव ब्राह्मण को दोषी मानते हुए कठोर कारावास व अर्थदंड देने का फैसला सुनाया।
मफरूर है ब्राउनशुगर देने वाला
आरोपित गौरव ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ये ब्राउनशुगर मंदसौर जिले के वाईडीनगर थानांतर्गत गोरखेड़ी निवासी बाबू पुत्र फखरू खां से लाया था। ब्राउनशुगर दिल्ली ले जानी थी, जहां कश्मीरी गेट पहुंचकर बाबू खां की ओर से दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल कर संपर्क करना था। इधर, मामले में आरोपित बाबू खां को मफरूर घोषित किया गया।
Published on:
28 Aug 2017 09:24 pm
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