
आठ रुपए में भरपेट भोजन देने शुरू होगी इंदिरा रसोई
चित्तौडग़ढ़. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंति पर गुरूवार से राज्य सरकार चित्तौडग़ढ़ जिले सहित पूरे राज्य में सभी नगरीय निकाय मुख्यालयों पर इंदिरा रसोई योजना शुरू करने जा रही है। इसमें आठ रुपए में कोई भी व्यक्ति भरपेट भोजन कर सकेगा। इन रसोईघरों का संचालन चयनित स्वयंसेवी संगठन के माध्यम से होगा। इंदिरा रसोई योजना की राज्य में औपचारिक शुरूआत गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करेंगे। जिला कलक्टर केके शर्मा ने बुधवार को मीडिया को इस योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्प कोई गरीब भूखा न सोए के संकल्प के साथ इंदिरा रसोई शुरू की जा रही है। इन्दिरा रसोई योजना में चित्तौैडग़ढ़ नगरपरिषद में तीन एवं कपासन,बड़ीसादड़ी, निम्बाहेड़ा,बेगूं एवं रावतभाटा नगर पालिकाओं क्षेत्र में एक-एक रसोई संचालित होगी। उन्हांने बताया कि लाभार्थी से 8 रुपए लिए जाएंगे एवं राज्य सरकार द्वारा प्रति थाली 12 रुपये अनुदान दिया जाएगा। जिला कलक्टर ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता जांच के लिए जिला स्तरीय समिति होगी। प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्र के लिए संबंधित उपखण्ड अधिकारी इंदिरा रसोई का औचक निरीक्षण करने के साथ प्रभारी अधिकारी होगा। प्र्रत्येक रसोईघर के बाहर टोलफ्री नंबर अंकित किया जाएगा जिन पर कोई भी व्यक्ति फीडबैक या शिकायत दर्ज करा सकेगा। नगर परिषद के सभापति संदीप शर्मा ने बताया कि इंदिरा रसोई योजना में सस्ता व गुणवत्ता वाला भोजन मिलेगा। उन्होंने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में रसाई का संचालन रोड़वेज बसस्टेण्ड, सांवलियाजी चिकित्सालय परिसर एवं चन्देरिया में सामुदायिक भवन में होगा। अतिरिक्त जिला कलक्टर मुकेश कुमार कलाल ने भी योजना से जुड़ी जानकारी दी। नगर परिषद आयुक्त दुर्गाकुमाारी ने कहा कि रसोई शुरू करने के लिए सभी तैयारियां की जा चुकी है।
किस समय व क्या मिलेगा भोजन में
इंंदिरा रसोई योजना में भोजन का मेन्यू दाल,सब्जी, रोटी व अचार होगा। दोपहर के भोजन का समय सुबह ८.३० बजे से दोपहर एक बजे तक तथा रात्रि भोजन का समय शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा। इन्दिरा रसोई योजना में कोई भी व्यक्ति जन्मदिन, वर्षगाठ या पुण्यतिथि पर अपनी तरफ से निर्धारित राशि जमा कराकर भोजन करवा सकता है। इसके लिए प्रत्येक थाली २० रुपए के आधार पर राशि देनी होगी। अभी एक रसोईघर में प्रति समय १५० लोगों के भोजन की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकतानुसार इसे बढ़ाया जा सकेगा।
अन्नपूर्णा योजना से क्या है इंदिरा रसोई में अंतर
राजनीतिक क्षेत्रों में चर्चा है कि इंदिरा रसोई योजना पिछली भाजपा सरकार के समय संचालित अन्नपूर्णा योजना का ही नाम बदल फिर संचालन है लेकिन जिला कलक्टर ने कहा कि पिछली योजना से इस योजना में बदलाव है। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा योजना में मोबाइल वैन के माध्यम से लोगों को भोजन दिया जाता था। लोग वैन के बाहर खड़े होकर भोजन करते थे। कोई स्थान तय नहीं था। इंदिरा रसोई का संचालन भवनों में होगा एवं लाभार्थी को बिठाकर थाली में भोजन कराया जाएगा। नगर परिषद सभापति संदीप शर्मा ने कहा कि इस पूरी योजना का संचालन ऑनलाइन होगा। टोकन/कूपन भी ऑनलाइन दिए जाएंगे एवं पूर्ण पारदर्शिता रहेगी।
Published on:
19 Aug 2020 11:26 pm
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