
चित्तौड़गढ़. एक तरफ जहां राज्य सरकार राइट टू हैल्थ बिल को लागू कर आमलोगों को राहत देने में जुटी है, वहीं कुछ लोग आपदा में भी अवसर तलाशने में पीछे नहीं है। राज्यभर में निजी चिकित्सक बिल का विरोध कर रहे हैं, आमलोगों को इलाज के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। इसी बीच चित्तौड़गढ़ में इलाज के नाम पर 4500 रुपए वसूलने का प्रकरण दर्ज हुआ है।
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एसीबी ने चित्तौड़गढ़ महिला थाने की महिला कांस्टेबल धन्नोकुमारी जाट को दहेज प्रताड़ना के केस को रफा-दफा करने के लिए 6 हजार रुपए की घूस लेते गिरफ्तार किया है। वहीं, एसीबी की एक अन्य टीम ने निम्बाहेड़ा जिला अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रितेश जैन को 4500 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कांस्टेबल धन्नोकुमारी ने रिश्वत में 15 हजार रुपए मांगे।
वह 8 हजार रुपए लेने को तैयार हुई। दो हजार रुपए सत्यापन के दौरान लिए। शेष 6 हजार रुपए लेते एसीबी की राजसमंद टीम ने उसे गिरफ्तार किया। दूसरी ओर डॉ. रितेश जैन को चित्तौड़गढ़ एसीबी की टीम ने उसके आवास से 4500 रुपए रिश्वत लेते पकड़ा। डॉ. जैन ने एक परिवादी की पत्नी का प्रसव कराने के लिए 5500 रुपए मांगे। एक हजार रुपए सत्यापन के दौरान लिए। शेष 4500 रुपए लेते एसीबी ने उसे गिरफ्तार किया। डॉ. जैन ने तर्क दिया कि पैसे ऑपरेशन में काम आने वाले सामान के लिए लिए।
Published on:
24 Mar 2023 11:25 am

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