चित्तौडग़ढ़. बनास नदी से बजरी खनन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद जिले के राशमी क्षेत्र में बजरी माफिया दिनरात बनास नदी से बजरी का अवैध खनन कर चांदी कूट रहे हैं।
राशमी क्षेत्र स्थित बनास नदी से निकाल रहे बजरी
चित्तौडग़ढ़. बनास नदी से बजरी खनन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद जिले के राशमी क्षेत्र में बजरी माफिया दिनरात बनास नदी से बजरी का अवैध खनन कर चांदी कूट रहे हैं।
उपखण्ड क्षेत्र में मातृकुण्डिया लेकर मैदाखेड़ी तक करीब २५ किलोमीटर क्षेत्र में बनास नदी बहती है। देवपुरा, गेगपुरा, कीरखेड़ा, राशमी में रोशनबाड़ी, उपरेड़ा, मुरोली श्मशान घाट, मरमी, गोकूलपुरा, पहुंना, झाड़ीखेड़ा, सिंहाना आदि बजरी खनन के प्रमुख स्थान हैं। छोटे बजरी माफीया मजदूरों से ट्रैक्टरों में बजरी भरवाकर मांग के अनुसार सीधे कमठानों पर बजरी सप्लाई करते हैं। वहीं बड़े बजरी माफिया मशीनों से बजरी खनन कर ट्रैक्टरों में भरकर आसपास स्थित चरागाहों पर बनाए स्टॉक पर बजरी एकत्रित करते हैं व रात्रि के समय डम्परों में भरवाकर चांदी कूट रहे हैं। ऐसा नहीं कि बजरी खनन के खिलाफ अधिकारी कार्यवाही नहीं करते, लेकिन कार्रवाई की भनक बड़े कारोबारियों को तत्काल मिल जाती हैं इससे वे सतर्क हो जाते हैं। शनिवार व रविवार को सरकारी छुट्टी के दिन बजरी कारोबारियों की मौज हो रही है। इन दिनों में बनास नदी के किनारों व नदी क्षेत्र के गहरे गड्डों से बजरी का धड़ल्ले से खनन कर रहे हैं। सरकारी निर्माण कार्यों पर भी बजरी का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। लेकिन कार्य स्थलों पर निरीक्षण के दौरान भी अधिकारी बजरी के ढ़ेर देखकर आंख मूंद लेते हैं। उपखण्ड अधिकारी कपूर शंकर मान के गत करीब पखवाड़े से लम्बी छुट्टियों पर होने से भी बजरी कारोबारियों की मौज हैं। उपखण्ड अधिकारी मान ने बजरी खनन के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई कर बजरी माफियाओं में खौफ पैदा कर दिया था। इसके चलते उपखण्ड अधिकारी की गाड़ी पर पथराव भी हुआ था।