
चित्तौड़गढ़। मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश से चम्बल नदी के सबसे बड़े बांध कोटा के गांधीसागर बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। उसके चलते चित्तौडग़ढ़ जिले के रावतीभाटा स्थित राणा प्रताप सागर बांध व कोटा के जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी है।
मध्यप्रदेश क्षेत्र में हो रही झमाझम बारिश के कारण चम्बल के सबसे बड़े चारों बांधों के गेट खोल दिए गए। गांधीसागर बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण रावतभाटा के राणा प्रताप सागर बांध के रविवार को दो गेट खोल दिए गए। यहां से 78 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
बांध के गेट खोलने से पहले चंबल माता की पूजा-अर्चना की गई। पहले सायरन बजाकर आसपास के लोगों को सूचित किया गया। राणा प्रताप सागर बांध पर पिछले साल स्काडा सिस्टम शुरू कर दिया था। दोनों गेट स्काडा सिस्टम से कम्प्यूटर का बटन दबाकर खोले गए। पहला गेट सवा 10 बजे व दूसरा गेट 11 बजकर 54 मिनट पर खोला गया।
इस सीजन में गांधी सागर के दूसरी बार व राणाप्रताप सागर के पहली बार गेट खुले हैं। जलसंसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज अग्रवाल ने बताया कि गांधीसागर बांध के तीन स्लूज (छोटे) गेट शनिवार दोपहर को खोल देने से लगातार 62 हजार 296 क्यूसेक पानी की आवक के बाद रविवार सुबह राणा प्रताप सागर बांध का जलस्तर पूर्ण भराव क्षमता 1157.50 फीट के मुकाबले 1157.40 फीट पहुंचने पर गेट खोलने का निर्णय हुआ। पहला गेट 9 नंबर खोला गया और 35 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। दूसरा गेट 10 नंबर खोला गया। जिससे 33 हजार क्यूसेक पानी की निकासी शुरू की गई। बांध का जलस्तर 1157.40 फीट स्थिर रखा जाएगा।
Updated on:
30 Sept 2024 01:38 pm
Published on:
30 Sept 2024 01:38 pm
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