
आरटीओ आए ऑटो में, कर्मचारी आए व्हीकल पर
-परिवहन विभाग ने घोषित किया है माह का पहला दिन नो व्हीकल डे
चित्तौडग़ढ़
प्रदूषण पर नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन सेवा को बढावा देने के लिए नए साल के पहले दिन से ही प्रदेश भर के परिवहन कार्यालयों में हर माह के पहले कार्य दिवस को 'नो व्हीकल डेÓ के रूप में मनाने का निर्णय किया गया है। परिवहन आयुक्त राजेश यादव ने दो दिन पहले ही इस संबंध में आदेश जारी किया था। नए साल के पहले कार्य दिवस से यह व्यवस्था शुरू हो गई है। इसके तहत अधिकारी व कर्मचारी पैदल, साइकिल या सार्वजनिक परिवहन के साधनों से आवागमन कर सकते हैं। वाहन जनित वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा है। विभाग में नई व्यवस्था लागू होने के बाद बुधवार को प्रादेशिक परिवहन अधिकारी जगदीश प्रसाद बैरवा अपने सरकारी आवास से ऑटो में सवार होकर कार्यालय पहुंचे जबकि शेष कर्मचारी दुपहिया वाहनों पर ही कार्यालय पहुंचे। विभाग के परिसर में एक भी साइकिल नजर नहीं आई। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी बैरवा ने बताया कि विभाग का मकसद आमजन को वाहनों से होने वाले प्रदूषण, सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन सेवा को बढावा देने का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि सर्दी अधिक होने के कारण पहले दिन अधिकांश कार्मिक साइकिल पर नहीं आ सके, लेकिन अगले माह के प्रथम कार्य दिवस पर पूरा स्टाफ साइकिल पर कार्यालय पहुंचे, इस दिशा में पूरे प्रयास किए जाएंगे।
यहां हेलमेट की अनिवार्यता रह गई कागजों में
कलक्ट्रेट सहित सरकारी कार्यालयों में दुपहिया वाहनों पर आने वाले कर्मचारियों के लिए पिछले दिनों हेलमेट की अनिवार्यता कर दी गई थी, लेकिन यह अनिवार्यता सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गई। कलक्ट्रेट सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में दस प्रतिशत कर्मचारी भी हेलमेट पहनकर कार्यालय नहीं आते। दुपहिया वाहनों पर कार्यालय आने वाले कर्मचारियों के हेलमेट पहनकर नहीं आने पर चालान बनाने की भी व्यवस्था की गई थी, लेकिन यह नियम लागू होने के बाद पुलिस की यातायात शाखा ने भी किसी भी कर्मचारी के चालान नहीं बनाए।
Published on:
02 Jan 2020 12:26 pm
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