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विद्युत कटौती के विरोध का नायाब तरीका, राहत कोष में सौंपा कोयला

अन्तराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा फाउण्डेशन ने विद्युत कटौती के विरोध का नायाब तरीका अपनाया है। फाउण्डेशन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए करीब 80.90 किलो कोयला सौंपा।

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विद्युत कटौती के विरोध का नायाब तरीका, राहत कोष में सौंपा कोयला

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चित्तौडग़ढ़
अन्तराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा फाउण्डेशन ने विद्युत कटौती के विरोध का नायाब तरीका अपनाया है। फाउण्डेशन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए करीब 80.90 किलो कोयला सौंपा।
फाउण्डेशन के जिलाध्यक्ष राजू अग्रवाल ने बताया कि राज्य में कोयले का संकट बताकर विद्युत कटौती की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से बार-बार बताया जा रहा है कि कोयले का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। फाउण्डेशन के कार्यकर्ता बुधवार को करीब 80.90 किलो कोयला लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए यह कोयला सौंपा। इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार ने कोयला कंपनियों को पहले का भुगतान नहीं किया, इस वजह से कोयले की आपूर्ति नहीं हो रही है। अब विद्युत कटौती के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेन्द्र वैष्णव व उदयपुर संभाग अध्यक्ष रेनू मिश्रा ने कहा कि जिले में शाम को भोजन के समय से लेकर पूरी रात बिजली कटौती की जा रही है, इससे लोगों में आक्रोश है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अतिवृष्टि से किसानों को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है, ऐसे में अब विद्युत कटौती से यह परेशानी और बढ गई है। संगठन ने विद्युत कटौती बंद नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।


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