पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की ओर से मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बावजूद तस्कर बेखौफ हो गए हैं। अब तो हालत यह हो गई है कि तस्करी के जरिए डोडा चूरा शहर में से होकर ले जाया जा रहा है। इसी तरह का एक मामला शहर में नारकोटिक्स ब्यूरो कार्यालय से करीब सौ कदम दूर पकड़ में आया है। कार में डोडा चूरा ले जाते दो आरोपियों को नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार किया है।
चित्तौडग़ढ़
केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो चित्तौडग़ढ़ की टीम को सूचना मिली कि शहर में से होकर एक कार में तस्करी के जरिए डोडा चूरा ले जाया जा रहा है। सूचना विश्वसनीय होने से ब्यूरो के निवारक दल के अधीक्षक एसके मिश्रा, निरीक्षक विपिन कुमार गुप्ता, केके माहोर, उप निरीक्षक समरथ गणावा, हवलदार विष्णु दास आदि ने भीलवाड़ा मार्ग स्थित महाराणा भूपाल छात्रावास के सामने नाकाबंदी की। इस दौरान मुखबीर की ओर से मिली सूचना के मुताबिक एक कार आती दिखाई दी, जिसे रूकवाकर तलाशी ली तो उसमें दो कट्टों में डोडा चूरा भरा हुआ पाया गया, जिसका तोल करवाने पर ३० किलो ४०० ग्राम हुआ। ब्यूरो की टीम ने डोडा चूरा व कार जब्त कर उसमें सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान खुद को गंगरार थानान्तर्गत पिपलिया निवासी मुकेश कुमार पुत्र उदयराम जाट व शिवकरण पुत्र नारायणलाल जाट होना बताया। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया गया है। ब्यूरो की टीम आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने के प्रयास कर रही है कि डोडा चूरा कहां से और किससे खरीदकर लाया गया था तथा इसकी आपूर्ति कहां और किसको की जानी थी।