
कहां पिंड पिंडरी सिंचाई परियोजना का सपना हुआ साकार
चित्तौडग़ढ़/ बड़ीसादड़ी. उपखण्ड के पिंड ग्राम पंचायत की पहाडिय़ों में बांध भरेगा और क्षेत्र में हरियाली छाने का सपना इंद्र देवता ने पूरा कर दिया। सिंचाई के नहरों का निर्माण भी किया जा रहा है। अब तक पचास फीसदी नहर बन चुकी है। पिंड क्षेत्र के ग्रामीण बुजुर्ग बताते हैं कि 1977 में जब राज्य में पहली बार जनता पार्टी की सरकार बनी तब उन्होंने एक नारा दिया हर खेत को पानी हर हाथ को काम इस बात को लेकर किसानों ने उन्हें इस परियोजना के लिए आग्रह किया और योजना को अंजाम देने के प्रयास शुरू हुए थे कि सरकार बदल गई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। बाद में 23 अगस्त 2008 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने इसका भूमि पूजन कर आधारशिला रखी, बाद में सरकार बदलते ही परियोजना फिर अटक गई। 2013 में कार्य शुरू हुआ और 53.83 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी हुई बांध बनकर तैयार हो गया बांध के दोनों ओर नहरें निर्माणाधीन है दाईं मुख्य नहर 5 किमी लम्बी व बाई मुख्य नहर तीन किमी लम्बी होगी। भराव क्षमता 200.70 मिलियन घनफीट व 8 गांव नई पिंड, पुरानी पिंड, भाटोली ब्राह्मण, खानपुरा, भाणुजा, पिंडडी, जंगपुरा के लगभग किसान लाभान्वित होंगे। लगभग 809 हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई हो सकेगी। बांध रविवार को सुबह अपनी क्षमता के मुकाबले एक फीट खाली है। परियोजना में 30.63करोड़ रुपए का मुआवजा जारी किया गया जिसमें से अब तक 28.93 करोड़ रुपए बैंक खातों में जमा करा दिए। बड़ीसादड़ी उपखण्ड की गांगली नदी पर पिंड सिंचाई परियोजना तैयार की गई है।
Published on:
01 Sept 2019 10:17 pm
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