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चित्तौडग़ढ़ के बारे में हिस्ट्रीशीटर का कौनसा आंकड़ा चौका सकता आपको

चित्तौड़ जिला आबादी में 21वें स्थान पर, हिस्ट्रीशीटर में 5वें नंबर परअपराधों के साथ बढ़ी आपराधिक प्रवृति के लोगों की संख्या

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चित्तौडग़ढ़ के बारे में हिस्ट्रीशीटर का कौनसा आंकड़ा चौका सकता आपको

चित्तौडग़ढ़ के बारे में हिस्ट्रीशीटर का कौनसा आंकड़ा चौका सकता आपको


चित्तौडग़ढ़. आबादी की दृष्टि से भले चित्तौडग़ढ़ जिला राज्य में ३३ जिलों में २१ वें स्थान पर हो लेकिन आपराधिक प्रवृति के लोगों हिस्ट्रीशीटर(एचएस) की संख्या की दृष्टि से जिला राज्य में ५वें स्थान पर है। राज्य पुलिस के विभिन्न रैंज के आधार पर गठित ४२ जिलों के आधार पर हिस्ट्रीशीटर की संख्या की दृष्टि सेे चित्तौडग़ढ़ जिला तीसरे स्थान पर है। पुलिस जिलों में सर्वाधिक ६१३ एचएस उदयपुर एवं ४८७ अजमेर में है। इसके बाद ४३७ एचएस के साथ चितौडग़ढ़ जिले की बारी आती है। समग्र जनसंख्या के आधार पर जिलों में सर्वाधिक ९२१ एचएस जयपुर जिले में है तो उसके बाद ५०६ जोधपुर जिले में है। हिस्ट्रीशीटर की बढ़़ती संख्या पुलिस के साथ आमजन के लिए भी चिंता का मुद्दा हो गया है। पुलिस विभाग के अनुसार राज्य में १० रेंज में ४२ पुलिस जिलों में हिस्ट्रीशीटर की कुल संख्या दस हजार २५ है। इनमेें सर्वाधिक १६८६ एचएस उदयपुर रेंज में है। चित्तौडग़ढ़ जिले में राज्य के कई बड़े जिलों की तुलना में अधिक एचएस होने के पीछे मुख्य कारण बढ़ती आपराधिक वारदातों को माना जाता है। अपराधी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने पर भी उनके हौंसले बुलंद होते जाते व निरन्तर मामले दर्ज होने पर वे पुलिस की नजर में हिस्ट्रीशीटर बन जाते है।

अब बंद नहीं हो सकती हिस्ट्रीशीट
किसी व्यक्ति के खिलाफ राजकार्य में बाधा, पथराव, बलवा करने, अशांति फैलाने के आरोप में नियमित अन्तराल पर मामले दर्ज होते रहे तो सम्बन्धित थाने में उसकी क्राइम फाइल खुल जाती है जिसे हिस्ट्र्रीशीट कहा जाता है। कुछ वर्ष पहले तक एक निश्चित अंतराल तक सम्बन्धित हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज नहीं होने पर उसकी हिस्ट्रीशीट बंद की जा सकती थी। अब ऐसा करना बंद कर दिया गया है। एक बार जिसकी हिस्ट्रीशीट खुल गई वे पुलिस रिकॉर्ड में हमेशा एचएस ही माना जाएगा। नियमों के तहत प्रत्येक थाने को अपने यहां के हिस्ट्र्रीशीटर के नाम बोर्ड पर प्रदर्शित करने के साथ मय फोटो वेबसाईट पर भी जारी करने होते है।

सम्मान नहीं देने पर हुआ विवाद
शहर के सदर थाने में हाल ही एक संस्था के अध्यक्ष को बुलाकर बैठने के लिए स्थान नहीं देने पर कुछ लोगों ने विरोध जताया था। इस विरोध के बाद पुलिस ने सफाई में तर्क दिया था कि वे हिस्ट्रीशीटर है और उन्हें थाने में उपस्थिति देने के लिए बुलाया गया था। इस विवाद से जिले में हिस्ट्रीशीटर की बढ़ती संख्या की तरफ फिर सभी वर्गो का ध्यान केन्द्रित हो गया है।

बेगूं में सर्वाधिक, मण्डपिया में सबसे कम एचएस
जिले के हर थाने में हिस्ट्रीशीटर है लेकिन सर्वाधिक 46 एचएस बेगूं व उसके बाद 45 चित्तौडग़ढ़ कोतवाली में है। संख्या की दृष्टि से सबसे कम एचएस मण्डपिया थाने में है जहां मात्र एक एचएस बताया गया है। इसके बाद जावदा थाने में दो एचएस है। जिले के आठ पुलिस सर्किल में सर्वाधिक 78 चित्तौडग़ढ़ तो सबसे कम 37 एचएस भदेसर व रावतभाटा सर्किल में है।
कई एचएस कर रहे सरकारी नौकरियां
पुलिस रिकॉर्ड में जिनको हिस्ट्रीशीटर बताया गया है उनकी पड़ताल करने पर कई रोचक तथ्य सामने आते है। इनमें से कई लोग अभी सरकारी नौकरियों में लगे हुए है तो कुछ राजनीतिक दलों के पदाधिकारी होने के साथ छात्रसंघों पदाधिकारी भी रह चुके है। एचएस होने के बावजूद राजनीतिक दल ऐसे लोगो को अवसर देते आए है।


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