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जागरूक व विनयशील थे आचार्य भारमल : महाश्रमण

चूरू (लाडनूं). तेरापंथ धर्मसंघ की राजधानी में तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण की मंगल सन्निधि में तेरापंथ धर्मसंघ के अद्वितीय आचार्य आचार्य भिक्षु स्वामी के अनंतर पट्टधर आचार्य भारमल के द्विशताब्दी समारोह के अंतिम दिन मंगलवार को आचार्य के मंगल महामंत्रोच्चार से कार्यक्रम शुरू का हुआ।

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चूरू

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Vijay

Jan 26, 2022

जागरूक व विनयशील थे आचार्य भारमल : महाश्रमण

जागरूक व विनयशील थे आचार्य भारमल : महाश्रमण

आचार्य भारमल स्वामी के जीवन से आगम स्वाध्याय की प्रेरणा लेने का प्रयास करना चाहिए
चूरू (लाडनूं). तेरापंथ धर्मसंघ की राजधानी में तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण की मंगल सन्निधि में तेरापंथ धर्मसंघ के अद्वितीय आचार्य आचार्य भिक्षु स्वामी के अनंतर पट्टधर आचार्य भारमल के द्विशताब्दी समारोह के अंतिम दिन मंगलवार को आचार्य के मंगल महामंत्रोच्चार से कार्यक्रम शुरू का हुआ। ज्ञानशाला प्रशिक्षिकाओं ने गीत का संगान किया गया। तेरापंथी सभा एवं तेरापंथ महिला मंडल द्वारा संयुक्त रूप से गीत का संगान किया। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के अध्यक्ष सुरेशचन्द गोयल ने श्रद्धासिक्त अभिव्यक्ति दी।
तेरापंथ धर्मसंघ की असाधारण साध्वीप्रमुखा कनकप्रभा ने कहा कि आचार्य भारमल अनेक विशेषताओं के समवाय थे। हम सभी उनकी गुरु की आज्ञा के प्रति जागरूकता और समर्पण से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन को उन्नत बनाने का प्रयास करें। आचार्य महाश्रमण ने कहा कि हमारे भैक्षव शासन में एक आचार्य का विधान है। हम तेरापंथ धर्मसंघ के अद्वितीय आचार्य भारमल की द्विशताब्दी समारोह मना रहे हैं। वे करीब 28 वर्ष युवाचार्य रहे तथा 18 वर्ष तक उनका आचार्य का काल रहा। सौभाग्य है कि उनके जैसे महान व्यक्तित्व के आचार्य धर्मसंघ को प्राप्त हुए। वे आचार्य भिक्षु के अनुशासन में रहे। आचार्य भिक्षु ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी चुना तो मानों उन्हें कसौटियों पर कसा भी। आचार्य ने उनकी हस्तलिखित पुरानी पाण्डुलिपि को प्रमाणिक तौर पर दर्शाते हुए कहा कि उन्होंने इस विधा से कितना लिखा। साधु-साध्वियों को आचार्य भारमल स्वामी के जीवन से आगम स्वाध्याय की प्रेरणा लेने का प्रयास करना चाहिए। साध्वीवृंद तथा मुनिवृंद ने गीत का संगान कर अपने पूर्वाचार्य को विनयांजलि अर्पित की।

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने किए दर्शन
तीन दिवसीय आचार्य भारमल द्विशताब्दी समारोह के समापन समारोह में राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक आयोग के मंत्री व राजस्थान वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष खानू खान बतौर अतिथि शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह परम सौभाग्य की बात है कि मुझे आज आचार्य महाश्रमण जैसे महान संत के दर्शन करने का सुअवसर मिला। खानू खान का प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष शांतिलाल बरमेचा ने साहित्य भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर जैन श्वेताम्बर तेरापंथ महासभा के उपाध्यक्ष संजय खटेड़, प्रवास व्यवस्था समिति के संयोजक भागचंद बरडिय़ा, कोषाध्यक्ष प्रकाशचंद बैद, सुरेन्द्र घोषल, उपाध्यक्ष राजेश दूगड़, ओसवाल पंचायत के सरपंच नरेन्द्र सिंह भूतोडिय़ा, सुरेश कुमार मोदी, प्रताप दूगड़, जेएसटी अध्यक्ष सम्पतराज डागा, महिला मंडल अध्यक्षा प्रीति घोषल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।