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राजलदेसर के युवक की दिल्ली में हत्या कर शव गंदे नाले में फेंका

मामला संदिग्ध होने पर एसआई विक्रम सिंह, एएसआई जितेंद्र कुमार, एचसी मनोज कुमार, एचसी कपिल तोमर और एचसी रवि कुमार की एक टीम, इंस्पेक्टर दीपक कुमार मलिक, एसएचओ / करोल बाग की देखरेख में और विदुषी कौशिक की देखरेख में हुई।

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चूरू

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manish mishra

Oct 27, 2022

राजलदेसर के युवक की दिल्ली में हत्या कर शव गंदे नाले में फेंका

राजलदेसर के युवक की दिल्ली में हत्या कर शव गंदे नाले में फेंका

चूरू. करौल बाग िस्थत एक मोबाइल शॉप में काम करने वाले राजलदेसर की युवक की हत्या का करौल बाग पुलिस ने मामला दर्ज होने के दस घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। मामले में राजलदेसर निवासी सीताराम सुथार व संजय बुचा को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। करौल बाग पुलिस के मुताबिक भगीरथ निवासी राजगढ़ एक्सटेंशन, गांधी नगर, दिल्ली हाल निवासी निवासी चूरू, ने थाने करोल बाग में सूचना दी कि उनका पुत्र मनीष उर्फ विष्णु (उम्र 22 वर्ष) गफ्फार मार्केट स्थित मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान 21अक्टूबर की शाम से लापता था। उन्होंने बताया कि दिल्ली कैंट के पीपी धौला कुआं इलाके में 22अक्टूबर की सुबह उनके बेटे की कार संदिग्ध हालत में पड़ी मिली थी। कार की पिछली सीट पर खून के धब्बे होना बताया। मामला संदिग्ध होने पर एसआई विक्रम सिंह, एएसआई जितेंद्र कुमार, एचसी मनोज कुमार, एचसी कपिल तोमर और एचसी रवि कुमार की एक टीम, इंस्पेक्टर दीपक कुमार मलिक, एसएचओ / करोल बाग की देखरेख में और विदुषी कौशिक की देखरेख में हुई।

छापेमारी की गई
मोबाइल नंबरों के आधार पर संदिग्धों के घरों पर 23अक्टूबर की सुबह छापेमारी की गई थी। उक्त मोबाइल नंबर चूरू जिले के राजलदेसर निवासी सीताराम सुथार और उसके दोस्त संजय बुचा के थे। शुरुआती पूछताछ में दोनों टालमटोल करते रहे कडाई से पूछने पर हत्या करने और बाद में शव को फेंकने की बात कबूल कर ली।

यह किया खुलासा
पूछताछ में आरोपी संजय बुचा ने खुलासा किया कि वह कोलकाता में एक शेयर-ब्रोकर के साथ कंप्यूटर असिस्टेंट का काम करता है। वह मृतक मनीष उर्फ विष्णु से उसकी प्रेमिका के माध्यम से मिला। इससे पहले मनीष उर्फ विष्णु का उसकी गर्ल फ्रेंड से दोस्ती से आरोपी संजय बुचा नाराज हो गए गया। उसने मनीष को गर्ल फ्रेंड से संपर्क करने की बात कही। लेकिन मनीष नहीं माना तो संजय ने उसकी हत्या करने की ठानी। 21 अक्टूबर को उसने मनीष से संपर्क किया और उसे दिल्ली में मिलने के लिए कहा। संजय बुचा ने अपने पड़ोस के दोस्त सीताराम सुथार (पेशे से बढ़ई) से भी संपर्क किया। करोलबाग पहुंचने के बाद दोनों ने मनीष उर्फ विष्णु को पदम सिंह रोड, करोल बाग में बुलाया। दोनों आरोपितों ने शराब का भी इंतजाम किया था। इसके बाद मनीष उर्फ विष्णु अपनी कार में आए और आरोपितों से मिले। आरोपितों ने उसे शराब पिलाई। आरोपी संजय ने उसे अपने कॉन्टैक्ट और फोटो डिलीट करने को कहा तो मनीष उर्फ विष्णु ने मना कर दिया। प्लान के मुताबिक दोनों आरोपियों ने कार के अंदर रस्सी से उसका गला घोंट दिया। संजय बुचा ने मृतक के मोबाइल फोन को और क्षतिग्रस्त कर दिया और उसे पास स्थित एक घर के छज्जे पर फेंक दिया। इसके बाद दोनों ने शव को कार की पिछली सीट पर रख दिया।


दो घंटे शव लेकर घूमते रहे
उन्होंने शव को सुनसान इलाके में फेंकने की कोशिश की लेकिन दीवाली की रोशनी और लोगों की लगातार आवाजाही के चलते वे करीब 2 घंटे तक शव को कार की पिछली सीट पर लेकर घूमते रहे. अंत में, वे दिल्ली छावनी क्षेत्र में पहुंचे, जहां लोगों की आवाजाही कम थी और मनीष के शव को सेना के ईएमई मुख्यालय, दिल्ली कैंट के सामने एक सीवर मैनहोल में फेंक दिया। शव को ठिकाने लगाने से पहले आरोपी संजय बुचा ने मृतक के पर्स से 20 हजार रुपए निकाले और पर्स को मैनहोल के पास फेंक दिया. उसके बाद वे डीटीसी बस स्टैंड, डिफेंस ऑफिसर्स एन्क्लेव के सामने मृतक की कार को छोड़कर दिल्ली के धौला कुआं से रोडवेज बस से अपने गांव राजलदेसरसर आ गए। दोनों आरोपी व्यक्तियों कोएलडी कोर्ट के समक्ष पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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