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Acharya Mahashraman– आगमवाणी है आत्मा की खुराक – आचार्य महाश्रमण

सरदारशहर. आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में शुक्रवार को नव दीक्षित साध्वी नमनप्रभा की बड़ी दीक्षा का आयोजन हुआ। तेरापंथ भवन में उपस्थित धर्मसभा में आचार्य ने नवदीक्षित साध्वी को पांच महाव्रत एवं रात्रि भोजन विरमण व्रत का विस्तार पूर्वक त्याग करवा कर छेदोपस्थापनीय चारित्र प्रदान किया। इस मौके पर साध्वी नमनप्रभा ने संयम जीवन के अनुभव को भावोद्गार द्वारा प्रकट किया।

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चूरू

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Vijay

May 14, 2022

Acharya Mahashraman-- आगमवाणी है आत्मा की खुराक - आचार्य महाश्रमण

Acharya Mahashraman-- आगमवाणी है आत्मा की खुराक - आचार्य महाश्रमण

सरदारशहर. आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में शुक्रवार को नव दीक्षित साध्वी नमनप्रभा की बड़ी दीक्षा का आयोजन हुआ। तेरापंथ भवन में उपस्थित धर्मसभा में आचार्य ने नवदीक्षित साध्वी को पांच महाव्रत एवं रात्रि भोजन विरमण व्रत का विस्तार पूर्वक त्याग करवा कर छेदोपस्थापनीय चारित्र प्रदान किया। इस मौके पर साध्वी नमनप्रभा ने संयम जीवन के अनुभव को भावोद्गार द्वारा प्रकट किया।
धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए आचार्य महाश्रमण ने कहा - जैन आगम दसवेआलियं साधु-साध्वियों के लिए एक बहुत ही शिक्षाप्रद आगम है। दसवें आलियं में गोचरी चर्या, भाषा शैली, विनय व्यवहार आदि के बारे में सुंदर वर्णन प्राप्त होता है। साधु कैसा हो यह भी उसमें बताया गया है। वह एक विशेष पठनीय शास्त्र है। आगम वाणी तो मानो हमारी आत्मा के लिए खुराक के समान है। जितना हो सके उतना समय स्वाध्याय में लगाना चाहिए। निरंतर पठन-पाठन होता रहे तो ज्ञान का भी अच्छा विकास हो सकता है। तत्पश्चात कार्यक्रम में साध्वी गुणमाला की स्मृति सभा मनाई गई। गत 7 मई को भीलवाड़ा में उनका स्वर्गवास हो गया था। आचार्य प्रवर ने साध्वी का संक्षिप्त जीवन परिचय बताते हुए कहा कि साध्वी गुणमाला ने आचार्य तुलसी से दीक्षा प्राप्त की। उन्होंने जीवन में काफी तपस्याएं भी की और सेवा में भी अपना योगदान दिया। सन् 2021 भीलवाड़ा चातुर्मास में उनका हमारे साथ रहना भी हो गया। धर्मसंघ में दीक्षित हुई और संघ में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। मुख्यमुनि महावीर कुमार, मुख्यनियोजिका साध्वी विश्रुतविभा, साध्वी निर्मलयशा ने उनके प्रति भावाभिव्यक्ति दी। उल्लेखनीय शुक्रवार को आचार्य का जन्म दिवस भी है। इस अवसर पर मुनि धर्मरुचि, बाल मुनि ऋषि कुमार, मुनि रत्नेश कुमार, साध्वी मलयश्री, साध्वी स्वस्तिकप्रभा, समणी सत्यप्रज्ञा, समणी स्वर्णप्रज्ञा, समणी रोहिणीप्रज्ञा, समणी मुकुलप्रज्ञा विचार व्यक्त किए। अरङ्क्षवद दुगड़, चंचल नखत, मोहित गधैया, सुरेंद्र बोरड़, शुभु गधैया ने भी आराध्य के चरणों में प्रस्तुति दी। इस अवसर पर प्रवास समिति के अध्यक्ष बाबूलाल बोथरा, सिद्धार्थ चिण्डालिया, पारस बुच्चा, वद्र्धमान सेठिया, विकास बोथरा, संजय बोथरा, श्रीचन्द नौलखा, राजवी दूगड़, राजकरण बरडिय़ा, पन्नालाल डागा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

11 हजार घरों में होगा यज्ञ, तैयारियां जोरों पर
सरदारशहर. शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से घर-घर में यज्ञ के तहत चूरू जिले के कार्यकर्ताओं ने 11हजार घरों में यज्ञ कराने का संकल्प लिया है। कार्यक्रम को लेकर सरदारशहर की कामधेनु गोशाला में कार्यकर्ता यज्ञ को लेकर सामग्री तैयार कर रहे हैं। जो कार्यकर्ताओं की ओर से घर-घर वितरित की जाएगी। इस दौरान गायत्री परिवार के ओमप्रकाश पारीक व बनवारीलाल जांगिड़ ने बताया कि आगामी 15 व 16 मई को बुद्ध पूर्णिमा तथा रविवार व सोमवार को सुबह 8 से 11 बजे के बीच सामूहिक रूप से पूरे जिले में यज्ञ का कार्यक्रम निर्धारित किया है।

मूर्ति स्थापना दिवस मनाया जाएगा
राजलदेसर. गांव परसनेऊ धाम स्थित मंदिर में श्री बालाजी महाराज की मूर्ति स्थापना दिवस रविवार को श्री हनुमान सेवा समिति तथा अक्षय भक्त मंडल सेवा समिति की ओर से श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में विविध धार्मिक आयोजन होंगे। जगदीश पुजारी ने बताया कि रविवार को मूर्ति स्थापना दिवस पर सुबह - शाम बालाजी महाराज की मूर्ति का आकर्षक श्रृंगार तथा विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।

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