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तारानगर.
ढाणी छतूसिंह गांव में एक जाति विशेष के कुछ लोगों की ओर से बंद किए गए खेतों के रास्ते को खुलवाने की मांग को लेकर कई गांवों के ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय के आगे धरना दिया। प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। धरना स्थल पर सभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता रामसिंह कस्वा, तिलोकाराम कस्वा, निर्मल प्रजापत, उमराव सहारण, चुन्नीलाल दादरवाल, मदनलाल गुरी, चिमनाराम पांडर आदि ने अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में खेतों में जाने के लिए वर्षों पुराना एक रास्ता छोड़ा हुआ है। कुछ लोगों ने रंजिशवंश रास्ते को बंद कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ माह पूर्व गांव के एक जने ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का प्रयास किया था जिसका मामला तारानगर थाने में दर्ज करवा रखा है। मामले में आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है। इस पर आरोपी के परिजन व उनके जाति के लोगों ने खेतों का रास्ता बंद कर दिया। आरोपी परिवार व उसके समाज के लोग मामला वापस लेकर राजीनामे के लिए दबाव बना रहे हैं। इस कारण उन्होंने जोर-जबरदस्ती के दम पर खेतों के रास्ते बंद कर दिए। इस कारण पीडि़त परिवार एवं अन्य ग्रामीण अपने खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। वर्षा के कारण अभी बुवाई का सीजन चल रहा है। इस कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। खेतों में जाने का अन्य रास्ते हैं लेकिन काफी लम्बा चक्कर लगा कर जाना पड़ता है। गांव के किसानों को बहुत परेशानी हो रही है।
शाम करीब चार बजे बाद एसडीएम इन्द्राजसिंह व तहसीलदार राजेन्द्रसिंह ने धरना स्थल पर ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने पुलिस तथा प्रशासन की मौजूदगी में खेतों के बंद किए रास्ते को खुलवाने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने आपसी विचार-विमर्श के बाद धरना समाप्त कर दिया। धरने में ढाणी छतूसिंह, ढाणी आईतान, ढाणी कुम्हारान, ढाणी बाबरियान, गोगटिया कच्छावतान गांवों के लोग मौजूद थे।
Published on:
29 Jun 2018 10:52 pm
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