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राजस्थान के इस चना खरीद केंद्र पर बवाल, तुलाई व्यवस्था के खिलाफ किसानों का मोर्चा

किसान सहकारी समिति उपकेंद्र पर संवेदक और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। इसी बीच अधिकारियों ने किसानों के वार्ता भी की। करीब 5 घंटे चली वार्ता के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला तो किसानों ने फिर विरोध प्रदर्शन किया।

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Sidhmukh Co-operative society

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सिधमुख. सहकारी समिति सिधमुख उपकेंद्र पर समर्थन मूल्य पर चने की तुलाई का मामला उस समय तूल पकड़ गया जब किसानों ने गड़बड़ी पकड़ी। चने के कट्टों में तीन से पांच किलो के अंतर आने पर नाराज हुए किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। सिधमुख सहकारी समिति उप केंद्र (Sidhmukh Co-operative Society Sub Centre) पर तुलाई को लेकर ग्रामीणों ने दो कांटों के अंदर तुलाई में गड़बड़ी किए जाने का गंभीर आरोप लगाया।

मौके पर किसानों ने तुलाई में बरती गई भारी अनियमितता पर दोनों कांटो को जब्त कर लिया। केन्द्र पर हुए विरोध प्रदर्शन देखते हुए मौके पर पहुंचे तहसीलदार, सहकारी समिति के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को किसानों ने तुलाई में की गई गड़बड़ी से अवगत करवाया।

अनियमितता की होनी चाहिए जांच
किसानों ने बतया कि जब्त किए गए कांटों पर वजन किया तो 50.750 किलो की भर्ती पर 53 किलो वजन पाया गया। मानक के आधार से अधिक तुलाई करने पर किसानों ने आक्रोश व्यक्त किया। किसानों ने बताया कि आज तक उप केंद्र पर 67 हजार कट्टों की तुलाई हो चुकी है। उसमें कितनी अनियमितता बरती गई इसकी जांच होनी चाहिए और किसानों से लिए गए अधिक चने का भुगतान करना चाहिए।

नहीं हुआ समाधान, प्रदर्शन रहा जारी
दिनभर चले घटनाक्रम में किसान सहकारी समिति उपकेंद्र पर संवेदक और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। इसी बीच अधिकारियों ने किसानों के वार्ता भी की। करीब 5 घंटे चली वार्ता के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला तो किसानों ने फिर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद देर शाम फिर अधिकारियों ने किसानों के साथ वार्ता की। किसानों ने वार्ता में तुलाई केंद्र से संवेदक को हटाने, सरकारी मानक के आधार पर चने की तुलाई करने, टोकन प्राप्त करनेवालों के पहले आने पर पहले तुलाई करवाने, सैंपल मानक के आधार पर लेने, जिन किसानों के चने की तुलाई हो चुकी है उन्हें समिति में शामिल कर सहमति बनाने आदि मांगे अधिकारियों के समक्ष रखी। वार्ता में सहमति नहीं बनने से किसान विरोध प्रदर्शन पर अड़े रहे।

श्रमिकों की मजदूरी पर प्रहार
किसानों ने श्रमिकों की मजदूरी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने बताया कि चने की तुलाई पर किसानों से 40 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से पैसा लिया गया लेकिन पल्लेदारों को 31 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया गया। किसानों ने कहा कि यहां श्रमिकों की मजदूरी पर प्रहार किया गया, जो जांच का विषय है।