जलदाय विभाग के फिल्टर प्लांट प्रथम के पास िस्थत खुले स्टोर में रखे लिक्विड क्लोरीन गैस के सिलेंडरों में से एक गैस सिलेंडर में अचानक गैस रिसाव होने से जलदाय विभाग में अफरा तफरी मच गई। गैस के प्रभाव को कम करने के लिए दमकल व टेंकरों का सहारा लेना पड़ा।
साहवा. जलदाय विभाग के फिल्टर प्लांट प्रथम के पास िस्थत खुले स्टोर में रखे लिक्विड क्लोरीन गैस के सिलेंडरों में से एक गैस सिलेंडर में अचानक गैस रिसाव होने से जलदाय विभाग में अफरा तफरी मच गई। गैस के प्रभाव को कम करने के लिए दमकल व टेंकरों का सहारा लेना पड़ा। जानकारी के मुताबिक बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब जलदाय विभाग परिसर में रह रहे लोगों और फिल्टर प्लांट में ड्यूटी पर तैनात कार्मिकों को सांस लेते समय हवा में गंध आने और आंखों में जलन महसूस होने लगी। गंध तेज हुई तो मौके पर मौजूद लोगों ने देखा कि स्टोर में रखे एक गैस सिलेंडर से गैस का रिसाव हो रहा है। राजेन्द्र सिंह जेईएन साहवा, राधेश्याम पूनियां एईएन ललानियां और रामनिवास रेगर एक्सईएन तारानगर को मामले की जानकारी दी। जलदाय विभाग के अधिकारियों ने तारानगर नगर पालिका की दमकल एवं सीएचसी साहवा की एम्बुलेंस को तुरन्त मौके पर भिजवाने की कार्रवाई शुरू। अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय स्तर पर 2 ट्रेक्टर टेंकरों की व्यवस्था की गई। सिलेंडर के रिसाव पर पानी की बौछार शुरू करवाई गई। जेसीबी मशीन की मदद से लिकेज गैस सिलेंडर को हटाया गया। दमकल से पानी की बौछारों से लिक्विड क्लोरीन गैस के प्रभाव को कम करने के प्रयास किए गए। शाम करीब 5 बजे गैस का प्रभाव कम हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली।
बड़ा हादसा टला...
एईएन राधेश्याम पूनिया ने बताया कि जलदाय विभाग साहवा के फिल्टर प्लॉट में करीब 10- 15 साल पहले पानी फिल्टर करने के लिए लिक्विड क्लोरिन गैस काम में ली जाती थी। अब उसकी जगह अन्य कैमिकल का उपयोग शुरू किया जा रहा है। जिसके चलते करीब 9 सौ लीटर लिक्विड गैस क्षमता वाले 2 गैस सिलेंडर फिल्टर प्लॉट प्रथम के पास बने गैस सिलेंडर रखने के खुले स्टोर में रखे हुए थे। एक सिलेंडर की सप्लाई की पाइप का वॉल जंग के करण अचानक लीक हो गया। उन्होंने बताया कि समय रहते गैस रिसाव पर काबू पाने के चलते एक बड़ा हादसा टल गया।उन्होंने बताया कि उक्त गैस सिलेंडर में लिक्विड स्थिति में बनी रहती है। हवा के सम्पर्क में आते ही क्लोरिन गैस बन जाती है। पानी में यह गैस घुलनशील होती है । उन्होंने बताया की इसके हवा में फैलने से सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन होनी शुरू हो जाती है। अधिक मात्रा हो जाने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है।