
अस्पताल में भर्ती छात्र। फोटो- पत्रिका
सुजानगढ़। एक निजी स्कूल के संचालक ने एक दलित छात्र को बेरहमी से इतना पीटा कि लकड़ी का डंडा ही टूट गया। पिटाई से स्कूल में बेहोश हो गए छात्र का रविवार को स्थानीय सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पिटाई का कारण पढ़ाई नहीं था, बल्कि स्कूल संचालक द्वारा पार्टी के नाम से मंगवाई गई 100 रुपए की राशि न लाना रहा।
अस्पताल में भर्ती कक्षा 9 के छात्र जयचंद मेघवाल की मां मंजूदेवी ने पत्रिका संवाददाता को बताया कि लाल बहादुर शास्त्री शिक्षण संस्थान के संचालक नंदकिशोर बिजारणियां की ओर से पार्टी के नाम से मंगवाई गई राशि जब छात्र के पिता ने नहीं दी और छात्र खाली हाथ स्कूल पहुंचा, तो क्रोधित नंदकिशोर ने उसके बाल पकड़कर पीटते हुए वापस स्कूल के कमरे में बंद कर दिया और लकड़ी के डंडों से इस कदर पिटाई की कि डंडा ही टूट गया।
पत्रिका संवाददाता ने भर्ती छात्र के शरीर पर कई जगह डंडे से पिटाई के निशान देखे। इसकी सूचना जब छात्र के पिता मदनलाल को मिली, तब वह दो अन्य लोगों गोमाराम और पीथाराम के साथ स्कूल पहुंचे। उस समय छात्र जयचंद को मुर्गा बनाकर रखा गया था। आरोप है कि उलाहना देने पर स्कूल संचालक नंदकिशोर उल्टा गाली-गलौज करने लगा।
मंजूदेवी के अनुसार, जब छात्र को कमरे में पीटा जा रहा था, तब कक्षा 7 की छात्रा प्रतिज्ञा और कक्षा 5 के छात्र सुनील ने उसे पीटते हुए देखा था। इनके अलावा अन्य विद्यार्थियों ने भी यह घटना देखी। मदनलाल ने इसकी रिपोर्ट सदर पुलिस थाने में दी। सूचना पर एसआई गीता रानी सरकारी अस्पताल पहुंचीं और भर्ती छात्र से पूछताछ कर चोटों के निशान देखे। गीता रानी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है।
बडावर गांव के एक निजी स्कूल संचालक की ओर से दलित छात्र के साथ मारपीट किए जाने की मुझे सूचना नहीं है।
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Updated on:
18 Jan 2026 06:33 pm
Published on:
18 Jan 2026 06:33 pm
