
Churu : रतननगर. प्रकृति की मार ने एक बार फिर गरीबों के सपनों को तोड़ दिया है। गत तीन-चार दिनों से निरंतर हो रही मूसलाधार बारिश ने न केवल फसलों को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि कई गरीब परिवारों के आशियाने भी छीन लिए हैं। इसी कड़ी में कस्बे से सटे गांव थैलासर के वार्ड नंबर 6 में घूमंतू जाति के गाड़िया लुहार पालाराम का एकमात्र घर ढह गया है।
मेहनत की कमाई से बना था घर
पालाराम लोहार पुत्र रूघाराम लोहार के पास मेहनत-मजदूरी की कमाई से बनाया गया मात्र एक कमरे का मकान था। यह छोटा सा घर उनके पांच सदस्यीय परिवार के लिए पूरी दुनिया थी, लेकिन लगातार बारिश की मार से यह घर पूरी तरह ढह गया है।
लोहे को पीट-काटकर चलाते हैं घर
पालाराम रतननगर के मुय बाजार में श्रीराम चौक के पास बैठकर पारंपरिक धंधा करते हैं। वे लोहे को काट-पीटकर छोटे-मोटे औजार और दैनिक उपयोग का सामान बनाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। उनके परिवार में उनकी वृद्ध माता, पत्नी, बहन और बहन का लड़का शामिल है। पूरे परिवार के पालन-पोषण की जिमेदारी पालाराम के कंधों पर ही है।
खुले आसमान तले बिता रहे दिन
घर ढहने के बाद यह पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। बारिश से बचने के लिए इन्हें इधर-उधर शरण लेनी पड़ रही है। छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक सभी की हालत दयनीय है।
आमजन से की अपील
इस दुखद स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने सहायता की अपील की है। विजय गोठवाल और मंगलचंद भार्गव जैसे समाजसेवियों का कहना है कि ऐसे गरीब परिवार को तत्काल सरकारी सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, रतननगर में अनेक भामाशाह और दानवीर लोग हैं। यदि वे इस मजदूर परिवार की सहायता करें तो इस गरीब परिवार का भला हो सकता है। मानवता की सेवा का यह सबसे अच्छा अवसर है। स्थानीय प्रशासन और समाजसेवी संस्थाएं इस जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए आगे आएंगे।
Updated on:
4 Sep 2025, 12:24 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 12:24 PM IST
बड़ी खबरें
View Allचूरू
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.