रतनगढ़. भरपालसर गांव में राज्य सरकार की ओर से आमजन को महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई राहत कैंप का कांग्रेस के निवर्तमान जिला अध्यक्ष भंवरलाल पुजारी एवं महंगाई राहत कैंप के विधानसभा प्रभारी एवं वरिष्ठ नेता रमेश चंद्र इंदौरिया ने निरीक्षण किया एवं राज्य सरकार की 10 जनहितकारी योजनाओं से आमजन को अवगत करवाया। शिविर को संबोधित करते हुए विधानसभा प्रभारी रमेश चंद्र इंदौरिया ने कहा मुख्यमंत्री द्वारा आमजन को महंगाई से मुक्ति दिलाने के लिए जो महत्वकांक्षी योजनाएं शुरू की गई है। उसका लाभ आप शिविर में रजिस्ट्रेशन करके अवश्य उठाएं। उन्होंने प्रशासन से कहा कि आप पूरे मनोयोग से इस विषय में आमजन में जागृति फैलाएं ताकि कोई भी व्यक्ति इन सुविधाओं का लाभ लेने से वंचित न रहे। निवर्तमान जिला अध्यक्ष भंवरलाल पुजारी ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष संतोष बाबू इंदौरिया, उपखंड अधिकारी अभिलाषा चौधरी, विकास अधिकारी, हनुमान मेघवाल रिछपाल सिंह भागीरथ गोदारा केसर नाथ सिद्ध आदि गणमान्य व्यक्ति एवं ग्रामीण जन मौजूद थे।
रतनगढ़. प्रशासन गांवों के संग अभियान में गुरुवार को रतनगढ़ ब्लॉक के भरपालसर में आयोजित कैंप वहां के जीवणराम और पांच बहिनों के लिए वरदान साबित हुआ। बीस साल बाद जब भाई जीवणराम को खातेदारी अधिकार मिले तो पांच बहिनें भी बहुत खुश नजर आईं। प्रकरण के अनुसार गुरुवार को ग्राम पंचायत भरपालसर में आयोजित महंगाई राहत कैम्प व प्रशासन गांवों के संग अभियान में ग्राम भरपालसर लाडखानिया की पांच बहिनें कुनी, नोजां, पेमी, मघी व हरली तथा एक भाई जीवणराम कैंप प्रभारी एसडीएम डॉ अभिलाषा के समक्ष पेश हुए।
जीवणराम ने एसडीएम को बताया, द्मद्मकि मेरे नाना मोहनराम के कोई पुत्र नहीं होने के कारण मुझे दत्तक पुत्र 2004 में लिया परन्तु मेरे नानाजी की मृत्यु होने पर मेरी मां व मेरी मौसियों के नाम खातेदारी भूमि दर्ज हुई। मेरी नानीजी (दत्तक मां) की मृत्यु होने पर भी मेरी मां व मौसियों के नाम खातेदारी भूमि दर्ज की गई। नियमानुसार मुझे भी खातेदारी अधिकार मिलना चाहिए था, परन्तु नहीं मिला।द्यद्य वादी की ओर से अधिवक्ता महानाथ ङ्क्षसह द्वारा एक घोषणात्मक दावा पेश किया गया। उपखण्ड अधिकारी द्वारा ग्राम भरपालसर में सुनवाई की गई। प्रतिवादीगण द्वारा राजीनामा पेश कर सहमति प्रदान की गई। इसके बाद उपखण्ड अधिकारी द्वारा गांव के मजमेआम में जीवणराम दत्तक पुत्र मोहन राम को खातेदार घोषित करने का निर्णय सुनाया और तहसीलदार रतनगढ़ को निर्देशित किया कि आज ही प्रार्थी के नाम नामांतकरण दर्ज कर जमाबंदी प्रदान की जाये। इस पर तहसीलदार रतनगढ़, नायब तहसीलदार राजलदेसर, हल्का पटवारी व भू.अ.निरीक्षक द्वारा हाथोंहाथ नामांतकरण की प्रक्रिया पूरी कर प्रार्थी को खातेदार घोषित किया गया। जब कैंप में ही इसके दस्तावेज जीवणराम और पांच बहिनों को मिले तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।