
LOCK- DOWN- संकट के साथी- जरूरतमंदों को घरों तक पहुंचा रहे हैं दवाइयां
चूरू. जिले में कफ्र्यू व लॉकडाउन के चलते व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं, हालांकि दवाओं की दुकानों को लॉकडाउन में शामिल नहीं करते हुए दुकानें खोलने की छूट दी गई है।लेकिन कुछ लोग ऐसे है दूरी के कारण उन्हें आने-जाने में दिक्कत होती है।साथ ही कुछ दवाओं के सॉल्ट ऐसे है जो सभी गली-मोहल्लों की दुकानों पर नहीं मिलते हैं।इस परेशानी को ध्यान में रखते हुए स्वयंसेवकों ने घरों तक लोगों को दवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी ले रखी है।मेडिकल स्टोर संचालकों ने सोशल मीडिया पर मोबाइल नंबर दिए हुए हैं।दवा की पर्ची व्हाट्स अप गु्रप पर मिलने पर घरों तक दवा की सप्लाई करते हैं। शहर के श्रीराम शर्मा भी सेवा में जुटे हुए हैं, उन्होंने सोशल मीडिया पर मोबाइल नंबर दिए हुए हैं।गु्रप में किसी व्यक्ति के दवा की सूची भेजने पर तुरंत व्यक्ति के पास पहुंचते हैं।जरुरतमंद तक दवा पहुंचाते हैं, संबंधित व्यक्ति की ओर से ऑनलाइन भुगतान कर दिया जाता है।शर्मा ने बताया कि किसी व्यक्ति को अस्पताल दिखाने की आवश्यकता होने पर स्वयं की गाड़ी में सोश्यिल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए परामर्श के लिए लेकर पहुंचते हैं।स्वयं भी पूरा ऐहतियात बरतते हैं।
सादुलपुर. शहर में दवा व्यवसायी जरुरतमंदों की सेवा कर पुण्य कमा रहे हैं। मुख्य बाजार घंटाघर के पास स्थित लुहारीवाला मेडिकल स्टोर के शिवकुमार लुहारीवाला ने बताया कि कोरोना वायरस एवं लोकडाउन के कारण दवा व्यवसाय बंद-सा हो गया है। हालांकि आपातकाल के लिए सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक दुकान खोलते हैं। ताकि जरुरतमंद को दवा उपलब्ध हो सके। इसके अलावा किसी के पास अगर पैसा ना हो तो उधार एवं नि:शुल्क दवा देने का भी प्रयास है। वहीं जैन मेडिकल स्टोर के सुरेन्द्र पारीक का कहना है कि फोन पर सूचना मिलने या व्हाट्स एप पर पर्ची भेजने पर दवा देते हैं। मेडिकल स्टोर संचालक जगदीशप्रसाद मित्तल तथा हनुमान प्रसाद का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में व्हाट्सएप पर पर्ची मिलने पर पीडि़त को दवा पहुंचाने का नि:शुल्क कार्य करते हैं। इसके अलावा मुरारका मेडिकल स्टोर के प्रशांत मुरारका, दीपक जैन, अरुण भारद्वाज आदि मदद में जुटे हैं।
तारानगर. कोरोना महामारी के कारण देश में चल रहे लॉकडाउन में जहां लोग अपनी दुकानें, प्रतिष्ठान व सभी काम-धंधे छोड़कर घरों में रहकर संक्रमण से बचाव कर रहे है वहीं देश के सभी केमिस्ट संक्रमण की परवाह किए बिना कोरोना योद्धा बनकर अपनी दवा की दुकानें खोलकर रोगियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यक वस्तु दवा उपलब्ध करवाकर अपना कर्तव्य निभा रहे है। केमिस्ट इस संकट की घड़ी में रोगियों व लोगों के लिए चिकित्सकों की तरह किसी भगवान से कम नही है।
सुजानगढ़. एक ओर कोरोना युद्ध मे डाक्टर व अन्य कार्मिक सेवा दे रहे हंै वहीं दवा विक्रेता भी लॉक डाउन में दवा दुकानें खोलकर मरीजों की सेवा कर रहे हैं। स्थानीय सरकारी अस्पताल के सामने नवजीवन मेडिकल स्टोर नामक ऐसी दवा दुकान है। जिसके फार्मासिस्ट सुनील शर्मा सुबह 7 बजे से राज के 10 बजे तक रोगियों को दवा देकर सेवा करने में समर्पित हैं। इतना ही नहीं, विशेष परिस्थिति में व्हाट्सअप पर दवा पर्ची मिलने पर बताए पते पर घर तक दवा पहुंचाने की जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते। दवा घर पहुंचाने की यह निशुल्क सेवा है। रोगी की यदि कुछ दवा दुकान पर उपलब्ध नहीं है तो अन्य दवा दुकान से मंगवाकर देते हैं, ताकि रोगी या उनके परिजन को दवा के लिए भटकना न पड़े। यह दुकान करीब 30 वर्षो से है। सुनील के भाई अनिलकुमार की इस दुकान के पास डाइग्नो सेन्टर है। अनिलकुमार ने बताया कि लॉक डाउन में लोगों के घरों में ही रहने से आय के स्त्रोत नहीं हैं। ऐसी स्थिति में रोगी दवा उधार लेते हैं, तब दवा बेहिचक दे रहे हैं क्योंकि दवा व जांच की उधारी का पैसा लॉक डाउन के बाद रोगी के हाथ में पैसा आने पर तुरन्त लौटाएगा।
Published on:
17 Apr 2020 07:16 pm
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