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चूरू. रबी की फसल के लिए सुकून लेकर आई बसंत पंचमी पर मरुधरा में मावठ की बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। गुरुवार रात से शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी और गर्जन भरी बिजली के साथ बारिश ने प्रभातकाल तक लगातार फसलों को पानी दिया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 20 मिमी. बरसात दर्ज की गई, जिसमें राजगढ़ में 6 मिमी., चूरू में 5 मिमी., तारानगर में 3 मिमी., सिद्धमुख में 4 मिमी. और भानीपुरा में 2 मिमी. बारिश हुई।
उत्तरी-पश्चिमी हिस्सों में बारिश का व्यापक असर
बारिश ने उत्तरी-पश्चिमी पट्टी को भिगोते हुए थली अंचल में प्रवेश किया। चूरू, राजगढ़, सिद्धमुख, तारानगर होते हुए भानीपुरा तक बरसते बादल हनुमानगढ़ और हरियाणा सीमावर्ती गांवों तक पहुंचे। मौसम में हल्का कोहरा और तेज हवाओं के कारण दिन में ठंड का असर बना रहा। हालांकि दिन के प्रथम प्रहर बाद बादल छंटे और धूप खिली। माघ माह की इस बरसात से रबी की फसल को खास फायदा होगा। चने और सरसों सहित अन्य दलहन और तिलहन की फसलों में नई जान आई है। हल्की मावठ से फसलों में दाने मजबूत होंगे और पैदावार बेहतर होगी।
मौसम का अचानक बदलाव
सादुलपुर. तहसील क्षेत्र में गुरुवार रात 11:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। हल्की बारिश के साथ तेज मेघ गर्जना और बिजली की कड़कड़ाहट ने 45 मिनट तक शहर और ग्रामीण इलाकों में बूंदाबांदी जारी रखी। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे एक बार फिर हल्की बारिश हुई। गांव भाकरां, खैरू, बीरान, बालाण, भोजाण, कामाण, जीराम बास सहित दर्जनों गांवों में बारिश दर्ज की गई। हल्की बारिश के साथ ठंड में बढ़ोतरी से जनजीवन प्रभावित रहा।
रबी फसलों के लिए वरदान
सांखू फोर्ट. कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में मावठ ने खेतों को हरियाली और नमी दी। किसान बलवान काजला ने बताया कि हल्की बारिश से पौधों को पोषण मिलेगा और खेतों की पैदावार बेहतर होगी। मावठ के बाद शुक्रवार को किसानों की खेतों में चहल-पहल बढ़ गई। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण आमजन को सर्दी का सामना करना पड़ा, लेकिन वहीं किसानों के चेहरे पर रबी फसलों को लेकर खुशी साफ झलक रही थी। पशुपालक अपने पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए तिरपाल और बंद स्थानों का सहारा लेते नजर आए।
Published on:
24 Jan 2026 12:35 pm
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