17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

घर-घर दिए पानी के कनेक्शन, लोगों को मिली राहत

8 वर्ष से पानी की किल्लत का सामना कर रहे सारायण गांव के लोगों को जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी के कनेक्शन देकर समस्या का समाधान किया गया।

2 min read
Google source verification
घर-घर दिए पानी के कनेक्शन, लोगों को मिली राहत

घर-घर दिए पानी के कनेक्शन, लोगों को मिली राहत

साहवा. 8 वर्ष से पानी की किल्लत का सामना कर रहे सारायण गांव के लोगों को जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी के कनेक्शन देकर समस्या का समाधान किया गया। गांव में मंगलवार जलदाय विभाग के एक्सईएन रामनिवास रेगर व जेईएन रजेन्द्रसिंह बागोरिया ने पानी का प्रेशर और जलापूतिं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि गांव में आपणी योजना के जरिए जलापूर्ति की जाती थी, यहां सार्वजनिक नल से लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने की शिकायतें आती थी आखिरकार 1 मार्च 2013 को आपणी योजना से गांव में सप्लाई बंद कर दी गई। इसके बाद 8 वर्ष तक ग्रामीण कभी साहवा भालेरी मुख्य पाइप लाइन के चैम्बरों, तो कभी रैयाटुण्डा नहर से ऊंट गाड़ी या टैंकरों से पानी का जुगाड़ करते रहे। बाद में जलदाय विभाग ने सारायण बस स्टैण्ड के पास साहवा भालेरी 9 सौ एमएम की मुख्य पाइप लाइन में हाई ड्रेन्ट (पानी भरने के लिए स्थायी नल) लगाए। इसी बीच केन्द्र सरकार की जल जीवन मिशन के तहत गत वर्ष गांव सारायण में पानी की टंकी का निर्माण करवा कर अब घर-घर जल कनेक्शन दिए गए। गांव में 726 लोगों को प्रेशर के साथ पीने का पानी सप्लाई किया जा रहा है। जलदाय विभाग के एक्सईएन राम निवास रेगर ने बताया कि गांव सारायण व रैयाटुण्डा में जल जीवन मिशन के तहत 8.44 करोड़ की लागत से 2 टंकी बनाई गई। गांव रैयाटुण्डा, सारायण व बास सारायण गांवों में पाइप लाइनें डाल कर कुल 1784 लोगों को घर-घर कनेक्शन दिएगए। पाण्डूसर कलस्टर से गांव सोमसीसर व पूनसीसर में 4.87 करोड़ की लागत से 2 टंकी बना करपुनसीसर, सोमसीसर व अमरासर में कुल 1253 लोगों को कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
70लीटर पानी मिलेगा निशुल्क
गांवों की टंकियों में मीटर लगाए हैं ताकि गांव में जलापूर्ति की गणना की जा सके। प्रति व्यक्ति 70 लीटर पानी बिना शुल्क और उसके बाद खर्च होने वाले पानी पर शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए ग्राम स्तर पर समितियां गठित की हैं। वे पानी के उपयोग पर नजर रखेंगी। अधिक पानी खर्च होने पर भुगतान की व्यवस्था करेंगी।
कम प्रेशर की नहीं रहेगी शिकायत
जलदाय विभाग के एईएन देवीलाल बाना व जेईएन राजेन्द्रसिंह बागोरिया ने बताया कि नवनिर्मित इन चारों टंकियों से जुड़े गांवों में पाइप लाइनें डालते समय तकनीकी का पूरा ध्यान रख गया है, ताकि भविष्य में प्रेशर कम होने की शिकायतें नहीं आएं व पाइप लाइनों के रख रखाव के लिए सप्लाई को रोक कर शेष सप्लाई नियमित रखी जा सके।