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Sandalwood Carving- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी हिलेरी क्लिंटन, स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल, अंबानी भी है इनके मुरीद

चूरू. कला का रूप भले ही कैसा हो लेकिन इसके मुरीद सात समंदर पार तक हैं। चूरू में भी ऐसे कलाकार हैं जिनको चंदन के चितेरे के नाम से भी जाना जाता है। चंदन और काष्ठ पर नक्काशी के मामले में इन कलाकारों का हर कोई मुरीद है। इस परिवार की कला ऐसी है कि स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल हो या फिर अंबानी या अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी हिलेरी क्लिंटन ये सभी नामचीन हस्तियां नक्काशी की मुरीद है।

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चूरू

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Vijay

Mar 21, 2022

Sandalwood Carving- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी हिलेरी क्लिंटन, स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल, अंबानी भी है इनके मुरीद

Sandalwood Carving- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी हिलेरी क्लिंटन, स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल, अंबानी भी है इनके मुरीद

चंदन पर नक्काशी के लिए मशहूर ये परिवार, विदेशों में हैं कला के मुरीद
जिनकी पहचान चंदन की लकड़ी पर बारीक कलाकारी के रूप में की जाती है
चूरू. कला का रूप भले ही कैसा हो लेकिन इसके मुरीद सात समंदर पार तक हैं। चूरू में भी ऐसे कलाकार हैं जिनको चंदन के चितेरे के नाम से भी जाना जाता है। चंदन और काष्ठ पर नक्काशी के मामले में इन कलाकारों का हर कोई मुरीद है। इस परिवार की कला ऐसी है कि स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल हो या फिर अंबानी या अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति की पत्नी हिलेरी क्लिंटन ये सभी नामचीन हस्तियां नक्काशी की मुरीद है। ये काष्ठ कलाकार और कोई नहीं बल्कि मालचंद जांगिड़ का परिवार है। जिनकी पहचान चंदन की लकड़ी पर बारीक कलाकारी करने के रूप में की जाती है।
आज उस कलाकार की चौथी पीढ़ी इस काम को मजबूती के साथ आगे बढाए हुए हैं। ये पीढी भी चंदन पर कई तरह की कलाकृतियों को उकेर चुकी है। चूरू के ही दो प्रजापत भाई भी मिट्टी का साजो-सामान बनाने के स्थान पर चंदन पर बारीक नक्काशी करते हैं। चंदन के ये कलाकार विश्व विख्यात हैं। ये कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर बारीक नक्काशी किए जाने को लेकर सम्मानित हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार मशहूर चंदन कलाकार मालचंद जांगिड़ की चौथी पीढ़ी को इस कला का नायाब तोहफा विरासत में मिला है। इस कला के दम पर इस परिवार ने अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रेकॉर्ड में भी दर्ज करवा लिया है। काष्ठ कला के दम पर ही इस परिवार ने अब तक 9 राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए हैं। इनकी कलाकृतियों के मुरीद देशी ही नहीं बल्कि विदेशी भी हैं, इस कला के चाहने वाले विदेशों और बड़े-बड़े शहरों में ज्यादा हैं। चंदन के ये कलाकार बताते हैं कि वह अब तक देश के बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, जयपुर, उदयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद में उनकी कला की एग्जीबिशन लग चुकी है। यहां इनके खरीदार अधिक हैं। इन कलाकारों की प्रसिद्ध कलाकृतियां इन कलाकारों ने चंदन की लकड़ी पर देवी देवताओं के साथ ही देश की प्रमुख धरोहरों को भी उकेरा है। वीणा में मां सरस्वती, तानसेन, नाचते हुए गणेश, अकबर का दरबार के नवरत्न गांधी वॉच, लाल किला, इंडिया गेट, मुमताज महल की कब्र, पणिहारी, महाराणा प्रताप की जीवनी, श्रीकृष्णा लीला को उकेरा गया है। जांगिड़ परिवार के अलावा चूरू में दो प्रजापत भाई भी चंदन पर बारीक कलाकारी के लिए जाने जाते हैंं। जिले के छोटे से गांव मोरथल से निकले रामचन्द्र और उनके भाई रोहितेश प्रजापत दस साल से चंदन पर कला उकेर रहे हैं। रामचन्द्र प्रजापत बताते हैं कि उद्योगपति मुकेश अंबानी अपनी बेटी निशा की शादी के लिए उनसे चंदन की कलाकृतियां खरीद चुके हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी हिलेरी क्लिंटन, स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल और देश विदेश की महान हस्तियां इन कलाकारों की कला की कद्रदान हैं। कुल मिलाकर चंदन की लकड़ी पर उकेरी गई यह कला बेमिसाल है। चंदन की खुशबू का तो फि र भी एक दायरा होता है, लेकिन चंदन पर उकेरी गई इस कला की महक सात समंदर पार तक जाती है।

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