चूरू. चूरू के महान स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक स्वामी गोपालदास को सम्मान प्रदान करते हुए राज्य सरकार ने बुधवार को एक आदेश जारी कर जिला मुख्यालय स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय का नामकरण ‘स्वामी गोपालदास राजकीय कन्या महाविद्यालय, चूरू’ किया है। इस अवसर पर चूरू शहरवासियों ने बुधवार देर शाम स्वामी गोपालदास चौक में स्वामी गोपालदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया एवं एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर प्रसन्नता का इजहार किया। इस मौके पर मौजूद राजस्थान राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रेहाना रियाज ने कहा कि स्वामी गोपालदास ने उस जमाने में नारी शिक्षा और दलित शिक्षा का क्रांतिकारी शंखनाद किया, जिस जमाने में सामान्य लोगों के लिए भी शिक्षा दूर की कौड़ी थी। उन्होंने कहा कि स्वामी गोपालदास वास्तविक अर्थों में आधुनिक चूरू के निर्माता थे जिन्होंने नारी शिक्षा, दलित शिक्षा, अछूतोद्धार, पर्यावरण, महामारी के समय समाज सेवा जैसे कार्य किए और रूढ़ियों में जकड़े समाज को एक नई सोच दी। उन्होंने नामकरण के लिए लगातार कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता दलीप सरावग व अन्य कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता के क्षण हैं क्योंकि स्वामी गोपालदास का जीवन और चरित्र हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।
सामाजिक कार्यकर्ता दलीप सरावग ने स्वामी गोपालदास के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा करते हुए इस नामकरण के लिए राज्य सरकार तथा इस कार्य में सहयोग करने वाले समस्त जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का आभार जताया और कहा कि काफी लंबे समय से चूरू के लोगों की यह हार्दिक इच्छा थी जो राज्य सरकार के इस आदेश से फलीभूत हुई है।
इस दौरान पूर्व सभापति रामगोपाल बहड़, शिक्षाविद प्रो. एचआर ईसराण, नगर श्री के सचिव श्याम सुंदर शर्मा, सहायक निदेशक जनसंपर्क कुमार अजय, भंवर लाल कस्वां, सुनील भाऊवाला, किशोर धांधू विमल अग्रवाल, शशिकांत कस्वां,, राकेश कस्वां, सहायक जनसंपर्क अधिकारी मनीष कुमार, ओमप्रकाश रणवां, शिशपाल बुडानिया, राजपाल दइया, एडवोकेट राजेंद्र राजपुरोहित, लालचंद शर्मा, राजेश तंवर, लोकेश सिंधी, राजेश इंदौरिया, सज्जन कुमार शर्मा, विद्याधर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, व्यापारी एवं नागरिक मौजूद थे।