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स्कूल में तार व रस्सी पर बनाई लाइब्रेरी

बच्चों में किताबों के प्रति बढ़ा उत्साह

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चूरू.

जिले में कई स्कूलें ऐसी हैं जहां पर व्यवस्थित लाइब्रेरी है लेकिन बच्चे उनका सदुपयोग नहीं कर पा रहे हैं। लेेकिन बच्चों को किताब पढने के लिए प्रेरित करने के खातिर एक अनोखी लाइब्रेरी स्थापित की गई है। जिसका नाम है हैगिंग लाइब्र्रेरी अर्थात तार व रस्सी पर बनाई गई लाइब्रेरी। ऐसा अनूठा कार्य लोहसना बड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में किया गया है। जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में एक छोटे से कमरे में आलमारी में किताबें रखी हुई थी। लेकिन बच्चे पसंद की किताबों का चयन नहीं कर पाते थे। पीरामल फाउण्डेशन के फैलो फैजान साकिब ने विद्यालय प्रशासन को तार पर लाइब्रेरी बनाने का सुझाव दिया। इसके बाद विद्यालय प्रशासन ने इस सुझाव को क्रियान्वित किया और लाइब्रेरी बनवा दी। इसका लाभ कक्षा छह से 10 तक के विद्यार्थी उठा रहे हैं। यह विद्यालय १२वीं तक है। यहां विद्यार्थियों की संख्या करीब 280 है।

कक्षा पांच के लिए अलग से लाइब्रेरी
इस विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए भी ये लाइब्रेरी बनाई गई है। इनके लिए किताबें तार या रस्सी पर टांग रखी है। किताबें देख बच्चे स्वयं पसंद से घर ले जा रहे हैं।

चार माह में बदलते हैं किताबें
तार पर बनाई लाइब्रेरी में हर चार माह में किताबों को बदला जाता है।किताबें बदलकर तार व रस्सी पर लगाई जाती है। यह क्रम चलता रहता है।

बच्चों में किताबें पढऩे की ललक हो।इसको ध्यान में रखकर ये कार्य किया गया है। किताबें सामने होने से विद्यार्थी पसंद की किताबें लेकर घर जाते हैं। लाइबेे्ररी में 1500 से अधिक किताबें है।
धर्मेन्द्रसिंह, लाइब्रेरियन, राउमावि, लोहसना बड़ा, चूरू

यह लाइब्रेरी बच्चों के लिए रुचिकर है।इससे बच्चे पढऩे के प्रति प्रेरित हो रहे हैं। इसका फायदा भी मिलेगा। करीब दो साल से ये लाइब्रेरी संचालित है। अधिकतर बच्चे किताबों के प्रति आकर्षित भी हो रहे हैं।
मदनसिंह राठौड़, प्रधानाचार्य, राउमावि, लोहसना बड़ा