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नसबंदी कराने के बाद भी हो गई गर्भवती,अदालत ने लगाया जुर्माना

नसबंदी कराने के बावजूद दो महिलाएं गर्भवती हो गई, मामले में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष सुरेन्द्र मोहन शर्मा, सदस्य हनुमान प्रसाद स्वामी व विनोद कुमार दनेवा ने पीडि़ताओं को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित जुर्माना व परिवाद व्यय की राशि अदा करने के आदेश दिए हैं।

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चूरू. नसबंदी कराने के बावजूद दो महिलाएं गर्भवती हो गई, मामले में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष सुरेन्द्र मोहन शर्मा, सदस्य हनुमान प्रसाद स्वामी व विनोद कुमार दनेवा ने पीडि़ताओं को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित जुर्माना व परिवाद व्यय की राशि अदा करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक चैनपुरा बड़ा तहसील राजगढ़ निवासी रेखा राजपूत ने बताया कि पूर्व में तीन संतान होने पर उसने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाई जा रही परिवार कल्याण योजना में 28 अप्रेल 2015 को शिविर में नसबंदी कराई।चिकित्सकों ने नसबंदी करने की बात कहते हुए भविष्य में संतान नहीं होने की बात कही।28 नवंबर 2016 को पीडि़ता के पेट दर्द होने पर चिकित्सक से परामर्श लेने पहुंची तो गर्भवती होने की जानकारी दी, बाद में गर्भपात हो गया।मामले में स्थाई लोक अदालत ने राजकीय सीएचसी राजगढ़ जरिए प्रभारी अधिकारी, डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण, निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण शासन सचिवालय व राजस्थान सरकार जरिए कलक्टर को पीडि़ता को 25 हजार रुपए निर्णय की तिथि से दो माह की अवधि में अदा करने के आदेश दिए हैं।साथ ही परिवाद पेश करने की तिथि से नौ प्रतिशत वार्षिक दर से वसूली तक ब्याज व एक हजार रुपए परिवाद व्यय देने के निर्देश दिए हैं। नसबंदी फेल होने के दूसरे मामले में स्थाई लोक अदालत ने गांव जीरामबास तहसील राजगढ़ निवासी मोनिका देवी धाणक को सीएचसी राजगढ़ जरिए प्रभारी, राजकीय डीबी जनरल अस्पताल चूरू जरिए प्रभारी अधिकारी, सीएमएचओ रतनगढ़, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं परिवार कल्याण राजस्थान सरकार, शासन सचिवालय जयपुर जरिए निदेशक व राजस्थान सरकार जरिए कलक्टर चूरू को निर्णय की तिथि से दो माह की अवधि में 25 हजार रुपए अदा करने सहित परिवाद पेश करने की तिथि से नौ प्रतिशत वार्षिक वसूली तक ब्याज देने के लिए कहा गया है।पीडि़ता को परिवाद व्यय के तौर पर एक हजार रुपए देने के निर्देश दिए हैं।प्रार्थियों की तरफ से पैरवी एडवोकेट राजेन्द्र राजपुरोहित ने की।