माटी का कर्ज चुकाने को लेकर अपने प्राणों की आहुती देने वाले शहीद राजेश कुमार फगेड़िया के स्मारक पर बहन अंजू रक्षा सूत्र बांधने गई। इस दौरान भाई की प्रतिमा से लिपट अंजू फफक पड़ी।
घांघू। माटी का कर्ज चुकाने को लेकर अपने प्राणों की आहुती देने वाले शहीद राजेश कुमार फगेड़िया के स्मारक पर बुधवार को बहन अंजू रक्षा सूत्र बांधने गई। इस दौरान भाई की प्रतिमा से लिपट अंजू फफक पड़ी। इस भावुक क्षण को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई।
अंजू ने बताया कि वह सबसे पहले शहीद स्मारक पर आती है। भाई की कलाई पर राखी बांधकर अपना फर्ज निभाती है। इसके बाद अंजू ने शहीद के पुत्र देवेन और मयंक सहित स्मारक पर मौजूद ग्रामीण व परिजनों को राखी बांधी। अंजू बोली ऐसा वीर भाई सब बहनों को मिले जिसने भारत माता की रक्षा के लिए उपने प्राण न्यौछावर कर दिए। हालांकि भाई की कमी हर मौकों पर खलती है। पर ऐसे वीर योद्धा की बहन होने पर नाज भी है।
सामाजिक कार्यकर्ता महावीर नेहरा ने बताया कि हमें हमारे तीज त्यौहार और राष्ट्रीय पर्व सहित अन्य सामाजिक आयोजनों में सबसे पहले देश की रक्षा में शहीद हुए अमर शहीदों को नमन कर उनका सम्मान करना चाहिए। गौरतलब है कि साल 2011 में राजेश कुमार फगेडि़या सियाचीन ग्लेशियर पर शहीद हो गए थे। इस मौके पर शहीद के बहनोई सरजीत मांझु, देवेन, मयंक, नीतेश, सुनील कुमार, बनवारी लाल, नरेंद्र, दिनेश कुमार मौजूद थे।