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Acharya Mahashraman- तेरापंथ धर्मसंघ एक नेतृत्व केंद्रित धर्मसंघ -आचार्य महाश्रमण

चूरू (सरदारशहर). अपनी 18000 किलोमीटर लंबी अङ्क्षहसा यात्रा द्वारा जनमानस में मैत्री, प्रेम, करुणा की भावना जागृत करने वाले शांतिदूत आचार्य महाश्रमण चतुर्विध धर्मसंघ के साथ अपनी जन्मधरा सरदारशहर में पावन प्रवास करा रहे हैं। तेरापंथ भवन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री ने कहा- जीवन में भौतिकता होती है तो आध्यात्मिकता भी होती है। हमारा ²ष्टिकोण कैसा हो वह महत्वपूर्ण है।

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चूरू

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Vijay

May 13, 2022

Acharya Mahashraman- तेरापंथ धर्मसंघ एक नेतृत्व केंद्रित धर्मसंघ -आचार्य महाश्रमण

Acharya Mahashraman- तेरापंथ धर्मसंघ एक नेतृत्व केंद्रित धर्मसंघ -आचार्य महाश्रमण

चूरू (सरदारशहर). अपनी 18000 किलोमीटर लंबी अङ्क्षहसा यात्रा द्वारा जनमानस में मैत्री, प्रेम, करुणा की भावना जागृत करने वाले शांतिदूत आचार्य महाश्रमण चतुर्विध धर्मसंघ के साथ अपनी जन्मधरा सरदारशहर में पावन प्रवास करा रहे हैं। तेरापंथ भवन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्यश्री ने कहा- जीवन में भौतिकता होती है तो आध्यात्मिकता भी होती है। हमारा ²ष्टिकोण कैसा हो वह महत्वपूर्ण है। भौतिकतापरक है या आत्मपरक इसका हमें ङ्क्षचतन करना चाहिए। हमारा यह तेरापंथ धर्मसंघ एक नेतृत्व केंद्रित धर्मसंघ है। आचार्य भिक्षु हमारे प्रथम गुरु थे और उसके बाद तेरापंथ में सदा से एक आचार्य की परंपरा रही है। गुरु जिसे अपना उत्तराधिकारी बना देते है वही आचार्य बनता है। आचार्य ने कहा कि तेरापंथ में कोई किसी का व्यक्तिगत शिष्य नहीं होता सभी एक गुरु के शिष्य होते हैं।
चातुर्मास, विहार भी गुरु के निर्देशन से ही करते हैं। सभी में गुरु के प्रति एक विनय समर्पण का भाव है। प्रसंगवश आचार्य ने कहा की मुझे आचार्य तुलसी के पास निकटता से रहने का अवसर प्राप्त हुआ। गुरु कृपा जिस पर हो जाती है तो फिर ङ्क्षजदगी संवर सकती है। इस अवसर पर मुनि ङ्क्षप्रस कुमार, मुनि नमन कुमार, बालमुनि अर्हम कुमार, साध्वी प्रबुद्धयशा, साध्वी मैत्रीयशा, साध्वी ऋजुबाला, साध्वी प्रफ्फुलप्रभा, साध्वी श्रुतिप्रभा, साध्वी काम्यप्रभा, साध्वी तन्मयप्रभा, साध्वी प्रसन्नयशा आदि अनेक साध्वियों ने गुरूदेव की अभिवंदना में प्रस्तुति दी। तेरापंथ महिला मंडल, कन्या मण्डल ने सामूहिक गीत का संगान किया। बालकृष्ण कौशिक व संतोष बैद ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रवासा समिति के अध्यक्ष बाबूलाल बोथरा, मंत्री सूरजदेवी बरडिय़ा, सिद्धार्थ चिण्डालिया, पारस बुच्चा, वद्ध्र्रमान सेठिया, राजीव दूगड़, श्रीचन्द नौलखा, पन्नालाल डागा, प्रकाश बुच्चा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

आचार्य का स्वागत, मंगलपाठ सुनाया
सरदारशहर. आचार्य महाश्रमण नगर भ्रमण के दौरान गुरुवार को सुबह जम्मड़ा वेल के पास स्थित अपने संसार पक्षीय ननिहाल पहुंचे। जहां पर निर्मल बरडिय़ा, महेन्द्र बरडिय़ा, सुरेन्द्र बरडिय़ा, रचना बरडिय़ा, मिनाक्षी बरडिय़ा, लक्की बरडिय़ा ने आचार्य का सम्मान किया। इसी प्रकार भंवर वाटिका में मंगलचन्द दूगड़, बजरंगलाल दूगड़, कमला दूगड़, अरूणा शर्मा, भव्या गौड़, कृतिक गौड़ ने आचार्य का स्वागत किया। इस मौके पर आचार्य ने मंगलपाठ सुनाया। इसी प्रकार धाड़ेवा गली में भी आचार्य का स्वागत किया गया।

ड्रेनेज नाला व सड़क निर्माण का किया निरीक्षण
चूरू. उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने वार्ड 46 डाबला रोड पर विधायक विकास कोष से बन रहे ड्रेनेज नाला एवं सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। राठौड़ ने कहा चूरू के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा वर्तमान नगर परिषद के द्वारा चूरू से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। परंतु वे चूरू के विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। $गौरतलब है कि नगर परिषद के पूर्व सभापति विजय कुमार शर्मा के कार्यकाल में यहां ड्रेनेज नाला निर्माण कार्य करवाया था मगर वर्तमान नगर परिषद की लचर व्यवस्था के कारण यह ड्रेनेज नाला अवरुद्ध हो गया था। जिससे डाबला रोड एरिया में दो गैनाणी बन गई। राठौड़ ने विधायक कोष से पुन: ड्रेनेज नाला एवं सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया था। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सीताराम लुगरिया, पवन कुमार चांवरिया, बद्री प्रसाद हटवाल, परमेश्वर हटवाल, रामलाल भामी, चंद्रप्रकाश शर्मा आदि साथ थे।