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राजकीय सीएचसी में प्रसव की संख्या घटी

महिला चिकित्सक दूसरी जगह डेपुटेशन पर

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लाडनूं.

गांव मीठड़ी के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एलएचवी (महिला पर्यवेक्षक) का पद खाली होने का खमियाजा महिलाओं को उठाना पड़ रहा है। जब से एलएचवी का पद रिक्त है तब से यहां पर प्रसव की संख्या में भी कमी आई है। जानकारी के अनुसार यहां पर गत करीब तीन वर्ष से एलएचवी का पद रिक्त है। हालांकि यहां पर प्रसव करवाने के लिए चिकित्सक कार्यरत हंै। प्रसव की सुविधाएं मौजूद हंै। लेकिन एलएचवी नहीं होने से संकोच के चलते गर्भवती महिलाएं अस्पताल नहीं आती। एलएचवी नहीं होने से मजबूरी में गर्भवती महिलाएं करीब 20 किमी दूर डीडवाना, लाडनूं जा रही है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार मीठड़ी के अस्पताल में करीब तीन वर्ष पूर्व एलएचवी कार्यरत थी। लेकिन उसके स्थानान्तरण के बाद से ही यह पद खाली पड़ा हुआ है।

एक तिहाई रह गई संख्या
स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत चिकित्सक भी प्रसव की संख्या में कमी होने का मुख्य कारण एलएचवी का नहीं होना मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार अस्पताल में करीब तीन वर्ष पूर्व जब एलएचवी कार्यरत थी तब महीने में 15 से 20 महिलाएं प्रसव के लिए आती थी। लेकिन एलएचवी का पद रिक्त होने के बाद यह संख्या एक तिहाई से भी कम हो गई है। वर्तमान में प्रतिमाह करीब पांच से सात महिलाएं ही प्रसव करवाने के लिए स्वास्थ्य केन्द्र आ रही है।

स्वास्थ्य केन्द्र में महिला चिकित्सक की कमी खल रही है। यहां पर कार्यरत महिला चिकित्सक डा. प्रिया झाझड़ा को एक वर्ष से डेपुटेशन पर दूसरी जगह लगा रखा है। ऐसे में स्वास्थ्य केन्द्र में महिला चिकित्सक नहीं होने से महिला रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फर्मासिस्ट नसीरुद्दीन भी डेपुटेशन पर दूसरी जगह कार्यरत हैं। इसके चलते नर्सिंग स्टाफ को पर्ची काटने व दवा वितरण का कार्य करना पड़ रहा है। इसका खमियाजा भी रोगियों को उठाना पड़ रहा है।

सीएचसी मीठड़ी में एलएचवी का पद वर्षों से रिक्त है। ऐसे में अस्पताल में प्रसव करवाने के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या में कमी आई है। हालांकि प्रसव की सुविधा स्वास्थ्य केन्द्र में है लेकिन महिलाएं एलएचवी नहीं होने के कारण संकोचवश अस्पताल में नहीं आती। वहीं महिला चिकित्सक को भी एक वर्ष से दूसरी जगह पर डेपुटेशन पर लगा रखा है। पद खाली होने से परेशानी तो होती ही है।

डॉ. अमित यादव, प्रभारी, राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मीठड़ी।