मंगल गीतों के साथ निकाली कलश यात्रा, बाबा श्याम को भजनों से रिझाया
चूरू. रतननगर. श्याम मंदिर में फागुन माह की एकादशी को श्याम ध्वजा के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा श्याम मंदिर से शुरू होकर परशुराम भवन, रघुनाथजी के मंदिर, मुख्य बाजार, आरके चतुर्वेदी मूर्ति सर्किल से होते हुए पुन: श्याम मंदिर पहुंची। डीजे के साथ निकली यात्रा में युवक व युवतियां श्याम बाबा के भजनों पर नाच रहे थे। यात्रा में शामिल महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गा रही थी। जगह-जगह पर यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा में विजय कुमार, रघुनाथ लढानिया, राधेश्याम इंदौरिया, अनिल इंदौरिया, श्याम इंदौरिया, विजय गोठवाल आदि शामिल थे।
सुजानगढ़. श्री श्याम सखा मंडल की ओर से शुक्रवार को नयाबास कैलाशपुरी मन्दिर से दो दिवसीय श्याम महोत्सव के अन्तर्गत कलश व निशान यात्रा निकाली गई। जिसमें महिलाएं सिर पर कलश धारण किए हुए चल रही थी। डीजे व बैंडबाजो के साथ निकली कलश यात्रा में श्याम भक्त पीले वस्त्र धारण किए भजनो पर नाचते हुए चल रहे थे। रथ पर सजे श्याम दरबार पर पुष्पवर्षा की गई। यात्रा मुख्य मार्गाे से होती हुई नयाबास क्लब स्थित श्याम दरबार पहुंची। मुख्य यजमान पवन सोनी व गिरधारीलाल जांगिड़ सपत्निक थे।
घांघू . भार्गव मोहल्ले में गुरुवार रात्रि श्री श्याम भार्गव सेवा संघ की ओर से बाबा श्याम का दरबार सजाया गया। शुभारंभ सीकर से आए गायकार अमित खण्डेलवाल ने गणेश वंदना से किया। लहरा दे लहरा दे झण्डा बजरंगली का सुनाया। कलाकार प्रेम शर्मा लक्ष्मणगढ़ ने कीर्तन की है रात बाबा आज थानै आणो है, मोर छड़ी लहराई रै आदि भजनों की प्रस्तुतिया दी। गायकर आकृति मिश्रा भीलवाड़ा ने कार्यक्रम में जोरदार प्रस्तुति पेश की। मिश्रा ने लीलण म्हारी ज्याजे -ज्या•ो गढ़ खरनाले शहर मायड़ नै निवण कहिज्यै सुनाया। कार्यक्रम में इत्र वर्षा और पुष्प वर्षा आकर्षण का केंद्र रही। श्री श्याम भार्गव सेवा संघ घांघू के कार्यकर्ताओं और समस्त भार्गव समाज ने भूमिका निभाई।