
मौसम ने बिगाड़ा जायका 1200 रुपए किलो बिक रही सांगरी
चूरू. शेखावाटी क्षेत्र में होने वाली सांगरी ने इन दिनों व्यवसाय का जायका बिगाड़ कर रख दिया है। अचानक दोगुने हुए दाम की वजह से सब्जी व्यापारी भी ङ्क्षचता में हैं। इसका कारण सांगरी में एक छोटा सा रोग लगना है कि जिसके चलते भाव में तेजी आई है। जिले सहित आस-पास इलाकों से हर साल सांगरी बाजार में बिकने के लिए आती है। एक अनुमान के मुताबिक एक बार में 25टन के करीब इसकी पूरे सीजन में खपत होती है। लेकिन, इस बार गिलडू रोग की वजह से इसका उत्पादन पूरी तरह से प्रभावित हो गया। व्यापारियों का कहना है कि इस रोग की वजह से इस बार उत्पादन 35 प्रतिशत यानी करीब साढ़े 8 टन ही रह गया। यही कारण रहा कि इस बार सांगरी के भाव 1200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
जानकारों की माने तो इस रोग लगने के तीन कारण बताए जा रह हैं, जिसमें पहला बारिश है, जानकारों की माने तो मार्च के बाद से चूरू समेत आस-पास के इलाकों में जहां सांगरी होती है, वहां सबसे ज्यादा बारिश का प्रभाव रहा। ऐसे में इसका सबसे ज्यादा असर सांगरी पर देखने को मिला।
दूसरा सबसे बड़ा कारण तापमान भी रहा, मार्च के बाद चुरू सहितआस पास के इलाकों में गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर देती है। तापमान अप्रेल तक 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार तापमान 35डिग्री के आस-पास ही रहा। तीसरा इस बार क्षेत्र में अंधड़ व बारिश हुई खेजड़ी पर लगने वाली सामग्री के ऊपर यदि आकाशीय बिजली चमकती है तो उसके लागत पर कुप्रभाव पड़ता है साथ ही अंधड़ बारिश से फूल आते समय ही वह नीचे गिर कर खराब हो जाते हैं। बाजार में अभी सूखी सांगरी 1000 से 1200 रुपए के बीच प्रति किलो बिक रही है। पिछली बार 600 से 800 रुपए प्रति किलो के भाव थे। व्यापारियों ने बताया कि इस बार सांगरी के भाव बढे हैं। उन्होंने बताया कि जब लॉकडाउन लगने वाला था तब मार्च 2020 में सांगरी पहली बार 1 हजार रुपए किलो बिकी थी। अभी अमेरिकन बादाम की बात की जाए तो उसके भाव 800 रुपए प्रति किलो है।
प्रतिरोधक क्षमता अधिक, महाभारत में भी सांगरी का जिक्र
इस सब्जी को इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर भी माना जाता है। इसके अलावा महाभारत में भी इनका वर्णन मिलता है। गुणों में ये सूखे मेवों से कम नहीं हैं। सांगरी में पोटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, ङ्क्षजक, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर है। इसमें पाया जाने वाला सैपोनिन कोलेस्ट्रॉल स्तर को नियंत्रित रखने एवं प्रतिरक्षा को बढ़ाने में उत्तम है। कैर व सांगरी दो ऐसी सब्•िाया है जो गर्मी के सीजन में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को प्रकृति प्रदत्त है।
Updated on:
09 May 2023 09:58 am
Published on:
09 May 2023 09:57 am
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