
चोरियों की रोकथाम के लिए जिम्मेदार पुलिस खुद जिला मुख्यालय, रतनगढ़ व अन्य जगह सरेआम बिजली की चोरी कर अपने थाने-चौकी रोशन कर रही है। जिला मुख्यालय पर रेलवे स्टेशन के सामने स्थित धर्मस्तूप पुलिस चौकी में चल रहे टीवी-पंखों को देखभर भले ही लगे कि यहां पुलिस बिजली का बिल चुका रही है।
मगर ये हकीकत नहीं है। बिजली चोरी का ये खेल कई महीनों से चल रहा है। निगम की ओर से सरकारी महकमों में प्री-पेड मीटर लगाने के बाद उन्हें रिचार्ज करवाने का रिकार्ड खंगालने व मौका देखने से यह सच सामने आया है। जांच में सामने आया कि निगम ने धर्मस्तूप पुलिस चौकी पर गत तीन फरवरी 2015 को बिजली का प्री-पेड मीटर लगवाया था।
मीटर के आईडी नंबर हैं (3185385)। चौकी के सिंगल फेज बिजली कनेक्शन पर एक किलोवाट विद्युत भार स्वीकृत किया गया था। प्री-पेड मीटर लगाते समय पुलिस चौकी के बिजली बिल पेटे नौ हजार 229 रुपए बकाया था। मगर पुलिस की ओर से बिजली की बकाया राशि जमा करवाना तो दूर प्री-पेड मीटर को भी आज तक रिचार्ज नहीं करवाया है। जबकि तय समय सीमा के बाद प्री-पेड मीटर से बिजली की सप्लाई स्वत: बंद हो जाती है।
मगर आज तक चौकी में बिजली सप्लाई सुचारू रूप से चल रही है। इसके अलावा रतनगढ़ पुलिस थाने में लगाए गए प्री-पेड मीटर को भी आज तक रिचार्ज नहीं करवाने के बावजूद बिजली सप्लाई चालू है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक रिचार्ज नहीं करवाने पर प्री-पेड से सप्लाई बंद हो जाती है। इसके बावजूद बिजली सप्लाई चालू है तो इसका मतलब है कि इधर-उधर से तार डालकर अवैध कनेक्शन से बिजली ली जा रही है।
अब तक एक करोड़ का रिचार्ज
निगम ने अब तक सरकारी कार्यालयों, स्कूलों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 859 प्री-पेड मीटर लगवाए हैं। जिनसे अब तक करीब एक करोड़ रुपए का रिचार्ज करवाया गया है। जिसमें से करीब 40 फीसदी राशि एडवांस के रुपए निगम में जमा करवाए गए हैं।
कलक्टर-एसपी भी नहीं लगवा रहे प्री-पेड मीटर
निगम सूत्रों के मुताबिक जिला कलक्टर-एसपी के निवास स्थान व कार्यालयों के लिए प्री-पेड मीटर जारी किए जा चुके हैं। मगर स्वीकृति के अभाव में अब तक दोनों ही अधिकारियों के कार्यालय व निवास पर प्री-पेड मीटर नहीं लगाया जा सका है। इसके अलावा अनेक महकमे भी मीटर जारी होने के बावजूद लगाने में ढिलाई बरत रहे हैं।
जिम्मेदारों की गैर जिम्मेदारी
बिजली चोरी रोकने के लिए अधीक्षण अभियंता से लेकर जेईएन के अलावा हर कर्मचारी की जिम्मेदारी तय है। निगम की ओर से बाकायदा कर्मचारियों को बिजली चोरी पकड़वाने के लिए लक्ष्य दिए गए हैं। इसके बावजूद पुलिस चौकी व रतनगढ़ थाने में बिजली की चोरी हो रही है। ऐसे में जिम्मेदारों की गैर जिम्मेदारी निगम को हर महीने हजारों रुपए की चपत लगा रही है।
विजीलेंस टीम ने भी नहीं की अब तक कार्रवाई
शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चोरी करने वालों की वीसीआर भरकर कनेक्शन काटकर राजस्व वसूली करने के लिए जिम्मेदार विजीलेंस टीम आम उपभोक्ताओं के कनेक्शन तो खूब काट रही है। मगर पुलिस की ओर से सरेआम बिजली चोरी किए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई तक नहीं की गई है।
-धर्मस्तूप चौकी सहित अन्य थानों में प्री-पेड मीटर लगने व चोरी के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मैं पता करता हूं।
-राहुल बारहट, एसपी चूरू
-मैंने गत 28 नवंबर को हुई बैठक में जिला कलक्टर व एएसपी को पुलिस महकमे की इस कारगुजारी के बारे में बताया था। अब ऐसे सभी प्री-पेड मीटरों की ट्रेकिंग करवा रहे हैं। जो रिचार्ज नहीं हुए हैं उनके कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
-सुभाष विश्नोई, एसई जोधपुर डिस्कॉम, चूरू
Published on:
04 Dec 2016 02:36 pm
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