बदलते वक्त के साथ लोगों में मानवीय संवेदनाएं भी कम हो गई है, आज किसी हादसे में घायल व्यक्ति को देखकर लोग अस्पताल पहुंचाने के बजाए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने में लगे रहते हैं
चूरू. बदलते वक्त के साथ लोगों में मानवीय संवेदनाएं भी कम हो गई है, आज किसी हादसे में घायल व्यक्ति को देखकर लोग अस्पताल पहुंचाने के बजाए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करने में लगे रहते हैं। ताकि उनके फॉलोवरों की संख्या किसी भी तरह से बढे। शुक्रवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया।
एनएच 52 पर शहर कोतवाली क्षेत्र में बाइक सवार पिता-पुत्री को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में पिता सड़क किनारे व बेटी झाडि़यों में जाकर गिरी। इस दौरान वहां पर तमाशबीन भीड़ जमा हो गई, कुछ लोग मदद के बजाए वीडियो शूट करते रहे। घायल पिता-पुत्री दर्द से कराह रहे थे, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। इस दौरान वहां से गुजर रही दूधवाखारा थानाधिकारी अलका विश्नोई भीड़ देखकर रूक गई। एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना सरकारी गाड़ी से घायलों को लेकर राजकीय भरतिया अस्पताल लेकर पहुंची।
जानकारी के मुताबिक बास जैसेका निवासी सुरेश कुमार बेटी वैदिका को स्कूल से बाइक पर लेकर गांव आ रहा था। एनएच 52 िस्थत एक होटल के पास किसी अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद सुरेश सड़क पर व बेटी उधलकर झाडि़यों में गिर गई। हादसा होने पर तमाशबीनों की भीड़ लग गई, जो कि मदद के बजाए वीडियो बनाने में लग गए। काफी देर बाद वहां से किसी काम से गुजर रही दूधवाखारा थानाधिकारी अलका विश्नोई पहुंची व झाडियों में फंसी नौ साल की वैदिका व सड़क किनारे पडे घायल पिता सुरेश को सरकारी गाड़ी में लेकर अस्पताल पहुंची। टक्कर इतनी तेज थी कि सुरेश का पंजा कटकर अलग हो गया। होश आने के बाद घायल पिता बेटी के हालचाल पूछता रहा।