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ये क्या, कर्मचारियों ने क्यों बांधी काली पट्टी

पंचायत समिति परिसर में पंचायतीराज कार्मिकों ने काली पट्टी बांधकर नई पेंशन योजना का विरोध जताया। पंचायत समिति व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना का दुबारा लागू करने की मांग की।

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ये क्या, कर्मचारियों ने क्यों बांधी काली पट्टी

चूरू. पंचायत समिति परिसर में पंचायतीराज कार्मिकों ने काली पट्टी बांधकर नई पेंशन योजना का विरोध जताया। पंचायत समिति व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना का दुबारा लागू करने की मांग की। संजय शर्मा, घनश्याम सहारण, राकेश मांजू, फूलसिंह, सुमित सिहाग, कनक कस्वा, नवनीत, सुमन व संजू देवी ने नई योजना का विरोध किया। इसी प्रकार राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर संघ से जुड़े शिक्षकों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर नवीन पेंशन योजना का विरोध जताया। संगठन के सूर्यप्रकाश शर्मा ने बताया, शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर सरकार से पुरानी पेंशन योजना वापस लागू करने की मांग की। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि नवीन पेंशन योजना शेयर मार्केट आधारित होने से कर्मचारियों का भविष्य इसमें सुरक्षित नहीं है। रतनसिंह, कृष्णकुमार सैनी, शिवकुमार शर्मा, कन्हैयालाल सैनी, राजवीर सिंह आदि ने शिक्षकों के हाथों पर काली पट्टी बांधी।

जसवंतगढ. शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर एनपीएस का विरोध किया। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के नेतृत्व में सोमवार को तहसील के राजकीय विद्यालयों मे ब्लॉक अध्यक्ष सुरेन्द्रसिंह जोधा के नेतृत्व में काली पट्टी बांधकर नई पेन्शन योजना को हटाकर पुरानी पेन्शन योजना को लागू करने की मांग की गई। मंत्री कृष्णगोपाल राठी ने बताया कि संघ अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को पुरानी पेन्शन योजना को लागू करने की मांग की। मंत्री राठी ने बताया कि तहसील के राबाउमावि, केशरदेवी राबाउमावि, जोहरी राबाउमावि लाडनूं, राउमावि गेनाणा, रताऊ, तंवरा, मीठड़ी, ध्यावा, जगन्नाथ तापडिय़ा राउमावि जसवंतगढ़, संस्कृत प्रवेशिका जसवंतगढ़, राउमावि सुनारी, कोयल, सुनारी, उदरासर, राप्रावि कसुम्बी के अलावा अन्य विद्यालयों मे भी शिक्षकों द्वारा काली पट्टी बांधकर विरोध प्रकट किया गया।