
ब्रैट ली : दिग्गज गेंदबाजों की बात हो तो ब्रैट ली का नाम आना तो जाहिर है। इस ऑस्ट्रेलिआई दिग्गज ने अपने करियर की शरूरत दिसंबर 1999 में की थी। अपने 13 साल के करियर में ब्रैट ली ने 76 टेस्ट, 221 वनडे और 25 टी20 मैचों में 700 विकेट लिए है। वनडे में उनके द्वारा लिए गए 380 विकेट किसी भी ऑस्ट्रेलिआई गेंदबाज द्वारा वनडे में लिए गए सबसे ज्यादा विकेट है। 2012 में ब्रैट ली ने क्रिकेट से सभी फॉर्मेट से सन्यास ले लिया।

ज़हीर खान : जब नेहरा अपने करियर के शिखर पर थे तब उनके नई गेंद के साथी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान थे। ज़हीर ने अपने करियर की शरूरत दिसंबर 2000 में केन्या के खिलाफ आईसीसी नाकआउट कप से की थी। अपने 15 साल के करियर में ज़हीर ने 309 मैचों में 610 विकेट लिए है। ज़हीर ने 3 वर्ल्डकप खेले है और 2011 में वह वर्ल्डकप विजेता टीम के सदस्य भी रहे है। 2015 में ज़हीर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया।

मिचेल जॉनसन : ऑस्ट्रेलिया की पेस मशीन मिचेल जॉनसन ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत दिसंबर 2005 में न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध किया था। जॉनसन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 73 टेस्ट,153 वनडे और 30 टी20 मैचों में 590 विकेट लिए है। 2013 में हुई ऐशेज़ सीरीज में जॉनसन ने 37 विकेट ले कर इंग्लैंड के पसीने छुड़ा दिए थे। नवंबर 2015 में जॉनसन ने क्रिकेट से सभी फॉर्मेट से सन्यास ले लिया।

दिल्हारा फर्नांडो : श्रीलंका के तेज गेंदबाज दिल्हारा फर्नांडो ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत पाकिस्तान के विरुद्ध 2000 में की थी। 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ फर्नांडो ने 27 रन दे कर 6 विकेट झटके थे। यह उनके करियर का सर्वश्रेठ प्रदर्शन था। दिल्हारा फर्नांडो ने श्रीलंका के लिए 40 टेस्ट,147 वनडे और 18 टी20 मैचों में 305 विकेट लिए है। 2012 में एंटिनी ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

शेन बॉन्ड : न्यूज़ीलैंड के इस तेज़ गेंदबाज ने अपने करियर में बल्लेबाजों पर ऐसे हमला किया जैसा सिनेमा में जेम्स बॉन्ड अपने दुश्मनों को मरता था। शेन बॉन्ड की पेस से अच्छे अच्छे बल्लेबाज खौफ कहते थे। शेन बॉन्ड ने 18 टेस्ट, 82 वनडे और 20 टी20 मैचों में 259 विकेट लिए है। क्रिकेट से पहले शेन बॉन्ड पुलिस में काम करते थे। वनडे में 100 विकेट लेने वाले बॉन्ड तीसरा सबसे तेज गेंदबाज थे। 2010 में बॉन्ड ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया।