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हनुमा के करियर को संजीवनी दे सकती है 161 गेंदों की खूंटा गाड़ पारी

161 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 23 रन बनाकर बचाया सिडनी टेस्ट मैंच क्रीज पर आते ही थोड़ी देर हैमस्ट्रिंग की चोट खा गए थे हनुमा विहारी चोट के बावजूद चार घंटे से ज्यादा मैदान पर टिके, अश्विन के साथ बचाया मैच

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Saurabh Sharma

Jan 11, 2021

A 161-ball peg can help Hanuman's career

A 161-ball peg can help Hanuman's career

नई दिल्ली। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया तीसरा टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया। जिसकी उम्मीद किसी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी और एक्सपर्ट को नहीं थी। यह बात रही ऑस्ट्रेलिया की। अब बात भारत के नजरिए से करें तो एक और बात रही जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी और वो है हनुमा विहारी की खूंटा गाड़ पारी। द्रविड़ और लक्ष्मण के संयास के बाद पुजारा ही टेस्ट क्रिकेट टीम में अभी तक इतना धैर्य दिखा पाए हैं। उन्होंने 161 गेंदों का सामना किया और अंत तक आउट नहीं हुए और मात्र 23 रन बनाए। खास बात तो यह थी कि क्रीज पर आने के थोड़ी देर के बाद उन्होंने हैमस्ट्रिंग हुआ और उसके बाद उन्होंने चार घंटे क्रीज पर बिताए।

साहस और धैर्य का कमाल मिश्रण
हनुमा के लिए सिडनी टेस्ट ही नहीं बल्कि पूरी टेस्ट सीरीज कुछ खास नहीं घटी। रन नहीं बने और फिल्डिंग भी काफी खराब रही। कुछ मौकों पर अहम कैच भी छोड़े, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने साहस और धैर्य का कमाल का मिश्रण दिखाते हुए ऑस्ट्रेलिया गेंद्रबाजों को ब्रिस्बेन के मैदान में जाने पहले 40 ओर तक थका दिया। खासकर तेज गेंदबाजों को। हेजलवुड और कमिंस तो हनुमा के सामने लाचार नजर आए। स्टार्क ने आखिरी कुछ ओवर में परेशान जरूर किया, यहां तक कि कप्तान टिम पेन ने उनकी गेंद पर विकेट के पीछे कैच भी छोड़ दिया। वर्ना हनुमा को किसी भी गेंदबाज से कोई परेशानी नहीं हुई।

7 गेंदों पर बनाया एक रन
हनुमा ने रन भले ही ना बनाए हों, लेकिन उन्होंने 161 गेंद खेली और 23 रन बनाए। यानी उन्होंने एक ओवर मेडन खेलकर 7वीं गेंद पर रन लिया। जिसकी वजह से उनका स्ट्राइक रेट इस पारी में मात्र 14.29 का रहा। उन्होंने अपनी पारी में 16 रन बाउंड्री लगाकर बनाए यानी 4 चौके जड़े। वो 4 घंटे से ज्यादा मैदान में टिककर टीम इंडिया के लिए मैच बचाने में कामयाब रहे।

करियर सेविंग पारी
भले ही हनुमा विहारी ब्रिस्बेन में हैमस्ट्रिंग के कारण ना खेल पाएं हों, लेकिन जब भी टीम इंडिया अगले किसी सीरीज के लिए टीम का सेलेक्शन करेगी, तब बाकी खिलाडिय़ों से पहले हनुमा का नाम ध्यान में रहेगा। संजय मांजरेकर, अजीत अगरकर, सुनील गावस्कर जैसे पूर्व दिग्गजों ने कहा कि हनुमा की यह पारी उनके करियर के संजीवनी साबित हो सकती है। आने वाले दिनों में टीम इंडिया को जिंबावे, इंग्लैंड और श्रीलंका जैसे देशों का टूर करना है। वहां पर हनुमा को मौका मिल सकता है।

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