
2011-12 में ऑस्ट्रेलिया टीम अफ्रीका दौरे पर गई थी जहां पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज होना था| पहला मैच केपटाउन में खेला गया जो तीन दिन के भीतर ही समाप्त हो गया था।
मेजबान अफ्रीका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया
अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए शुरुआती झटके दिए| लेकिन बाद में कप्तान क्लार्क की शानदार 151 रनों की पारी के बदौलत ऑस्ट्रेलियन टीम 284 रन बनाने में कामयाब रही| दक्षिण अफ्रीका के तरफ से तेज गेंदबाज डेल स्टेन, वेर्नोन फिलैंडर और मोर्ने मोर्केल ने क्रमशः 4,3,3 विकेट लिए।
जवाब में उतरे मेजबान टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह से फ्लॉप रही और मात्र 96 रनों पर ही ऑल आउट हो गई। ऑस्ट्रेलियन टीम के बॉलर शेन वॉटसन ने 5 और रेयान हैरिस ने 4 विकेट लेकर अफ्रीकी टीम के बल्लेबाजी को पूरी तरीके से तहस-नहस कर दिया। दूसरे दिन केपटाउन के इस पीच पर 23 विकेट गिरे। दक्षिण अफ्रीका के तरफ से केवल दो बल्लेबाज ही दहाई अंक को छू पाए।
ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 188 रनों की बढ़त
इस तरह से ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 188 रनों की बढ़त मिली। मैच का हाल देख कर ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया को इस मैच में बड़ी जीत मिलने वाली है। लेकिन क्रिकेट के बारे में कहा जाता है कि यह अनिश्चितताओं से भरा खेल है ।कभी भी कुछ भी हो सकता है ,कभी भी बाजी पलट सकती है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण इसी मैच में देखने को मिला।
ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी रही सुपर फ्लॉप
दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी मेहमान टीम ऑस्ट्रेलिया का दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज डेल स्टेन ,मोर्केल और फिलेंडर ने ऐसा हश्र किया की ऑस्ट्रेलिया टीम का 9 विकेट मात्र 21 रनों पर ही गिर चुका था। अंतिम विकेट के संघर्ष के बाद ऑस्ट्रेलिया टीम जैसे-तैसे करके 47 रनों पर सिमट गई। लाजवाब गेंदबाजी के बल पर दक्षिण अफ्रीका ने मैच में शानदार वापसी की और उसे 236 रनों का लक्ष्य मिला।
लक्ष्य का पीछा करते हुए अफ्रीकी कप्तान स्मिथ और हाशिम अमला के शतक के दम पर दक्षिण अफ्रीका टीम ने आठ विकेट से इस मैच में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। शानदार गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार सिलेंडर को मिला इस मैच में फिलेंडर ने कुल 8 विकेट लिए थे।इस टेस्ट मैच में हुए सबसे बड़े उलटफेर के लिए आज भी याद किया जाता है।
Updated on:
13 Nov 2021 11:13 am
Published on:
13 Nov 2021 10:29 am
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