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अब रिटायर्ड भारतीय खिलाड़ी भी नहीं खेल सकेंगे विदेशी लीग्स, BCCI लाने जा रहा है ये खतरनाक प्लान

रिटायर्ड प्लेयर्स को कहीं और खेलने के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड से गुजरना होगा। यानी रिटायर होने के तुरंत बाद वह किसी और लीग में नहीं खेल सकते। इस कूलिंग ऑफ का वक्त BCCI की अपेक्स काउंसिल मीटिंग में तय किया जाएगा।

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इस समय दुनिया में ढेरों टी20 लीग का आयोजन किया जा रहा है। दुनिया भर के दिग्गज इन लीगों में हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम का कोई भी खिलाड़ी ऐसी किसी लीग का हिस्सा नहीं हो सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नियम के मुताबिक अगर किसी भी भारतीय खिलाड़ी को ऐसी किसी लीग का हिस्सा बनना है तो उसे पहले अंतरराष्ट्रिय क्रिकेट से और फिर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से संन्यास लेना पड़ेगा।

लेकिन अब BCCI अपने इस नियम में बदलाव करने जा रहा है और एक ऐसा नियम लाने वाला है जिसके तहत अब रिटायर्ड भारतीय खिकड़ी भी अन्य लीग का हिस्सा नहीं हो पाएंगे। क्रिकबज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिटायर्ड प्लेयर्स को कहीं और खेलने के लिए कूलिंग ऑफ पीरियड से गुजरना होगा। यानी रिटायर होने के तुरंत बाद वह किसी और लीग में नहीं खेल सकते। इस कूलिंग ऑफ का वक्त BCCI की अपेक्स काउंसिल मीटिंग में तय किया जाएगा। यह 7 जुलाई को होने वाली है।

यह फैसला हाल ही में कई भारतीय खिलड़ियों के रिटायरमेंट के हफ्ते भर के अंदर टी20 लीग्स जॉइन करने के बाद लिया गया। इन पूर्व खियालड़ियों को टी20 लीग खेलने के लिए भारी रकम का ऑफर मिला था और बीसीसीआई को लगता है कि यह भविष्य में समस्या खड़ी कर सकता है। बता दें कि कई भारतीय प्लेयर्स विदेशी लीग्स में खेलते दिखे हैं। ऐसे में बीसीसीआई चिंतित है। आईपीएल 2023 के बाद रिटायर हुए चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज अंबाती रायुडु, जल्द ही अमेरिकी लीग में खेलते दिखेंगे।

खिलाड़ियों ने नियम नहीं माने तो क्या होगा?
अगर खिलाड़ियों ने एनसीसीआई से एनओसी सर्टिफिकेट नहीं लिया तो उन्हें भविष्य में बीसीसीआई के किसी भी सेक्शन का हिस्सा बनने में दिक्कतें होंगी। रिटायरमेंट के बाद खिलाड़ी अक्सर कोच, बॉलिंग-फील्डिंग-बैटिंग कोच जैसी भूमिकाओं में आ जाते हैं। कमेंटेटर और अंपायर-स्कोरर के तौर पर भी करियर जारी रखते हैं। बीसीसीआई इसके लिए सैलरी देता है।

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