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Coronavirus : जरूरतमंदों की मदद के लिए फिर सामने आए गांगुली, 20 हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की

Coronavirus महामारी का मार पूरी दुनिया में दोतरफा पड़ा है। एक तरफ तो स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हुई है, वहीं बड़ी आबादी के सामने रोटी की समस्या पैदा हो गई है।

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Sourav Ganguly

Sourav Ganguly

कोलकाता : कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी का असर दुनिया पर दो तरह से हो रहा है। एक तरफ इसके संक्रमण का असर दुनिया की बड़ा आबादी पर होने के कारण स्वास्थ्य समस्याओं से निबटना चुनौती बनी है तो वहीं लॉकडाउन के कारण काम-धंधा बंद होने के कारण एक बड़ी आबादी के सामने भोजन की समस्या पैदा हो गई है। इस मुश्किल घड़ी में टीम इंडिया (Team India) के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) एक बार फिर सामने आए हैं। वह 20 हजार जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। बता दें कि गांगुली इससे पहले भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आ चुके हैं।

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इस्कॉन के साथ कर रहे हैं मदद

सौरव गांगुली ने गरीबों के लिए भोजन का इंतजाम इस्कॉन के कोलकाता केंद्र की मदद कर किया है। उन्होंने करीब 20,000 लोगों के भोजन का इंतजाम करने में मदद की। मास्क और दस्ताने पहनकर गांगुली सामने आए और उन्होंने इस्कॉन में मदद करने का वादा किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने हाथ से कुछ लोगों को राशन उपलब्ध कराया।

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20 हजार किलो चावल भी गांगुली ने किए दान

इससे पहले दादा ने रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ में 20 हजार किलो चावल भी दान में दिए थे। इस्कान को मदद करने पर इस्कॉन कोलकाता के प्रवक्ता और उपाध्यक्ष राधारमन दास ने कहा कि यहां हम लोग जरूरतमंदों को खाना खिला रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस्कॉन में हम रोज 10 हजार लोगों का खाना बना रहे हैं। गांगुली ने हमारी मदद की है। अब हम रोज 20 हजार लोगों को खाना दे रहे हैं। राधारमन ने कहा कि वह दादा के बड़े प्रशंसकों में से एक हैं। खेल के मैदान में उन्होंने गांगुली की कई पारियां देखी हैं। लेकिन यहां भूखों को भोजन कराने की उनकी यह पारी सर्वश्रेष्ठ है। हम उन्हें धन्यवाद देते हैं।

तीन हजार से ज्यादा मामले आए सामने

रविवार की सुबह तक भारत में तीन हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जबकि इस महामारी के कारण देश में 77 लोगों की मौत हो चुकी है। पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां 69 मामले सामने आए हैं और तीन लोगों की जान चली गई। अच्छी बात यह है कि इनमें से 10 लोग अब तक स्वस्थ हो चुके हैं।