
पूर्व भारतीय बल्लेबाज और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू
पूर्व भारतीय बल्लेबाज और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को तीन दशक पुराने एक रोड रेज मामले में कोर्ट ने एक साल कैद की सजा सुनाई है। जिसके चलते एक बार फिर वे सुर्खियों में हैं। यह मामला 34 साल पुराना है। यह नवजोत सिंह सिद्धू के क्रिकेट करियर का शुरुआती साल ही था।
डेब्यू के एक साल बाद हादसा -
27 दिसंबर 1988 को पटियाला में पार्किंग को लेकर एक विवाद हुआ था। तब सिद्धू ने एक शख्स के साथ मारपीट की थी। बाद में पीड़ित को अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया था। हादसे के वक्त उनकी उम्र महज 25 साल थी। 1983 में टेस्ट डेब्यू कर चुके इस बल्लेबाज को पहला वनडे खेलने में चार साल और लग गए। 1987 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में डेब्यू किया और फिर अगले ही साल यह कांड हो गया।
ये है पूरा मामला -
दरअसल मामला सिद्धू के क्रिकेट करियर शुरू करने के एक साल बाद दिसंबर 1988 का है। सिद्धू ने सड़क पर अपनी जिप्सी पार्क की हुई थी। तभी वहां से जा रहे 65 साल के गुरनाम सिंह और दो अन्य लोगों ने सड़क से जिप्सी हटाने को कहा। इसपर दोनों के बीच बहसबाजी हो गई और उस समय 25 साल के सिद्धू ने गुरनाम के साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गए। पीड़ित को अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस मामले में गठित डॉक्टरों के बोर्ड ने मौत का कारण सिर में चोट और कार्डियक कंडीशंस बताया था।
निचली अदालत ने बरी कर दिया था -
सितंबर 1999 में निचली अदालत ने नवजोत सिह सिद्धू को बरी कर दिया था, लेकिन हाई कोर्ट ने दिसंबर 2006 में सिद्धू और एक अन्य पर गैर इरादतन हत्या मामले में दोषी करार देते हुए 3-3 साल कैद की सजा सुनाई थी। उन्होंने इस फैसलो को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने तब सिद्धू को मारपीट का दोषी करार देते हुए एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।
इसी मामले में अब पीड़ित की ओर से सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन दाखिल की गई है।
Updated on:
19 May 2022 03:30 pm
Published on:
19 May 2022 03:29 pm
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