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बैजबॉल की मदद से भारतीय टीम को उसी से घर में हराएगा इंग्लैंड, एलेस्टेयर कुक का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

इस वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) साइकल में इंग्लैंड भारत दौरे पर आएगी, जहां दोनों देशों के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। ऐसे में पत्रिका से बात करते हुए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलेस्टेयर कुक ने भरोसा जताया है कि बैजबॉल की मदद से इंग्लैंड भारत को उसी के घर में टेस्ट सीरीज हरा सकता है।

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इंग्लैंड क्रिकेट टीम टेस्ट में बैजबॉल रणनीति अपना चुकी है। टीम को अगले साल जनवरी में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत आना है। क्या भारतीय सरजमीं पर भी बैजबॉल रणनीति काम करेगी? इस पर पत्रिका से खास बात करते हुए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलेस्टेयर कुक ने कहा कि हां, यह रणनीति भारत में भी काम कर सकती है और इससे भारतीय स्पिनरों पर काफी दबाव पड़ेगा, जिससे इंग्लैंड को फायदा होगा।

क्या भारतीय सरजमीं पर भी इंग्लैंड की बैजबॉल रणनीति काम करेगी?
जवाब : अब इसमें कोई सीक्रेट नहीं रह गया है कि इंग्लैंड की टीम टेस्ट में काफी आक्रामकता के साथ खेलती है। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि इंग्लैंड को भारत में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि वहां कि विकेट काफी टर्निंग होती है। पिछले दौरे पर इंग्लैंड ने भारत में पारंपरिक तरीके से टेस्ट सीरीज खेली थी और उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इंग्लैंड यदि बैजबॉल रणनीति अपनाती है तो कोई कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं है। इंग्लैंड यदि अश्विन और अन्य भारतीय स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक खेलते हैं तो उन्हें भी कुछ नई रणनीति अपनानी होगी।

इंग्लैंड एशेज ट्रॉफी गंवा चुका है। आपकी नजर में टीम से कहां चूक हुई?
जवाब : टेस्ट क्रिकेट में छोटे-छोटे मौके नहीं भुना पाना भारी पड़ता है। जैसे मैनचेस्टर में खेले गए पहले टेस्ट की पहली पारी जल्द घोषित करना इंग्लैंड को काफी भारी पड़ा। उस समय इंग्लैंड के आठ विकेट पर 393 रन थे और यदि टीम 50 रन और जोड़ लेती तो उसे काफी फायदा मिलता। इसके बाद, ऑस्ट्रेलिया को जब 50 रन चाहिए थे और सिर्फ दो विकेट शेष थे, तब भी इंग्लैंड ने मौका गंवा दिया। इंग्लैंड को यह टेस्ट जीतना चाहिए था। यदि आप सीरीज का पहला टेस्ट जीत लेते हैं तो काफी मनोवैज्ञानिक फायदा भी मिलता है।

क्या आपको मलाल हैं कि अच्छी क्रिकेट खेलने के बावजूद इंग्लैंड ट्रॉफी हासिल नहीं कर सकी?
जवाब : हां, मुझे ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड टीम को भी इसका मलाल होगा कि अच्छा क्रिकेट खेलने के बावजूद हम वापस ट्रॉफी हासिल नहीं कर सके। मुझे लगता है कि इंग्लैंड जिस तरह से अब तक खेला, उसे लिहाज से स्कोर 2-2 से बराबर होना चाहिए था। लेकिन इंग्लैंड को रणनीति तौर पर चूक करने का खामियाजा उठाना पड़ा।

ऑस्ट्रेलिया की रणनीति पर आप क्या कहना चाहेंगे, क्या वो इंग्लैंड पर भारी पड़ी?
जवाब : आमतौर पर ऑस्ट्रेलियाई टीम जिस तरह से खेलती है, इस सीरीज में वो उससे अलग अंदाज में खेली। ऑस्ट्रेलिया की रणनीति काफी डिफेंसिव रही। यदि इंग्लैंड कुछ छोटी-छोटी गलतियां नहीं करता और किस्मत उसके साथ होती तो आज स्कोर कुछ अलग ही होता।

आखिरी एशेज टेस्ट में इंग्लैंड को किस सोच से उतरना चाहिए?
जवाब : इंग्लैंड भले ही ट्रॉफी नहीं हासिल कर पाया लेकिन उसकी कोशिश हर हाल में स्कोर 2-2 करने पर होगी। पिछले दो टेस्ट में जिस तरह से इंग्लैंड ने पलटवार किया है, उससे ऑस्ट्रेलिया खेमे में खलबली जरूर होगी। कंगारू टीम ने एशेज ट्रॉफी भले ही कब्जा ली है लेकिन उसकी कोशिश भी सीरीज जीतने पर होगी। ऐसे में आखिरी टेस्ट मैच काफी रोमांचक होगा।

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अगला एशेज़ टेस्ट का प्रसारण : 27 जुलाई, गुरुवार से दोपहर 3.30 बजे से सोनी टेन-5 पर

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