
Sunil Gavaskar
नई दिल्ली : भारतीय बल्लेबाजों की बादशाहत आज पूरी दुनिया में मानी जाती है, लेकिन यह सम्मान भारत को पहले दिन से हासिल नहीं हो गया था। 1932 से टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले भारत को यह सम्मान हासिल करने में करीब चार-पांच दशक लगे थे और भारतीय बल्लेबाजी की विश्व क्रिकेट में धाक सबसे पहले सर्वकालिक महानतम सलामी बल्लेबाज सुनील मनोहर गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने जमाई थी। इसी बुनियाद पर चलकर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar), राहुल द्रविड़ समेत तमाम भारतीय बल्लेबाजों ने विश्व क्रिकेट में अपना डंका बजाया। अभी यह काम कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में रोहित शर्मा, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज कर रहे हैं।
बल्लेबाजी के रिकॉर्ड तोड़ने की पड़ी बुनियाद
गावस्कर ने जब क्रिकेट से संन्यास लिया था, तब बल्लेबाजी का शायद ही कोई रिकॉर्ड था, जो उनकी पहुंच से बाहर रहा हो। उन्होंने जब टेस्ट क्रिकेट छोड़ा था तब उनके नाम सर्वाधिक शतक और सर्वाधिक रन दोनों का रिकॉर्ड था। वह पहले बल्लेबाज थे, जिन्होंने शतकों के मामले में ब्रैडमैन को पीछे छोड़ा था। गावस्कर के लिहाज से आज की तारीख काफी अहम है, क्योंकि उन्होंने आज ही अपना पहला शतक जड़ा था और यहीं से बल्लेबाजी के सारे रिकॉर्ड्स तोड़ने की बुनियाद पड़ी थी।
डेब्यू टेस्ट में गावस्कर की शानदार बल्लेबाजी से भारत जीता
1971 में भारतीय क्रिकेट टीम अजित वाडेकर की कप्तानी में वेस्टइंडीज दौरे पर थी। बता दें कि इसी दौरे के दूसरे टेस्ट में गावस्कर को डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने दोनों पारियों में अर्धशतक जड़ दिया।यह टेस्ट पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला गया था। इसे भारत ने सात विकेट से जीता था। यह टेस्ट इस मायने में भी भारत के लिए ऐतिहासिक थी, क्योंकि विंडीज में भारत की यह पहली जीत थी।
ऐसा रहा पहले शतक का सफर
इस सीरीज का तीसरा टेस्ट 19 मार्च को जॉर्जटाउन में शुरू हुआ था। इस टेस्ट के दूसरे दिन 20 मार्च को गावस्कर 48 रन बनाकर नाबाद लौटे। इसके बाद तीसरे दिन 21 मार्च को उन्होंने पहले अपना अर्धशतक पूरा किया। लेकिन वह यहीं पर नहीं रुके। अपनी इस पारी को उन्होंने शतक में तब्दील किया और 116 रन बनाकर आउट हुए। बता दें कि इस टेस्ट की दूसरी पारी में भी गावस्कर ने नाबाद 64 रनों की पारी खेली। यह टेस्ट हालांकि ड्रॉ रहा, लेकिन यह सीरीज भारत के हाथ लगी। इतना ही नहीं यह कैरेबियाई धरती पर भारत की पहली सीरीज जीत थी।
इस सीरीज में 774 रन जड़कर हंगामा बरपा दिया
बता दें कि अपने पहली ही टेस्ट सीरीज में सुनील गावस्कर ने 774 रन बनाकर हंगामा मचा दिया। वह भी उस टीम के सामने, जिसकी तेज गेंदबाजी की तूती पूरे विश्व में बोलती थी। इसके बाद तो वह एक-एक कर कई रिकॉर्ड तोड़ते गए। जब रिटायर हुए तो उनकी झोली में 10 हजार रन थे, जहां तक पहुंचना तब असंभव माना जाता था। सर्वाधिक रनों के अलावा उन्होंने ब्रैडमैन के सर्वाधिक 29 शतको का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। बता दें कि गावस्कर ने 125 टेस्ट में 34 शतक जड़ें।
Updated on:
21 Mar 2020 03:47 pm
Published on:
21 Mar 2020 03:45 pm
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