
Happy Birthday Cheteshwar Pujara: भारत की टेस्ट बल्लेबाजी लाइनअप के मजबूत आधार रहे लीजेंड क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा आज अपना 37वां जन्मदिन मना रहे हैं। गुजरात के राजकोट में 25 जनवरी 1988 को जन्में पुजारा अपनी क्लासिकल टेक्निक और रनों की भूख के लिए प्रसिद्ध हैं। वह क्रिकेट की दुनिया के आधुनिक युग के महानायकों में से एक हैं। पुजारा ने घरेलू क्रिकेट में कई मौकों पर सौराष्ट्र के लिए शानदार पारियां खेली हैं। वह फिलहाल भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं और उनकी वापसी भी अब बेहद मुश्किल है। उन्होंने भारत के लिए 103 टेस्ट मेें 7000 से ज्यादा रन बनाए। आइये आज उनके जन्मदिन पर उनकी 10 बड़ी उपलब्धियों पर एक नजर डालते हैं।
पुजारा ने अपने टेस्ट करियर में कुल 7195 रन बनाए। भारत की इस रन मशीन में पारी को संभालने और मैराथन पारी खेलने की अद्भुत क्षमता देखने को मिली, जिसने उन्हें खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट का दिग्गज बनाया।
चेतेश्वर पुजारा अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में माहिर हैं। उनके 19 टेस्ट शतक उनके कौशल, एकाग्रता और रनों की भूख को दर्शाते हैं।
अपने दृढ़ निश्चय और दृढ़ संकल्प के दम पर पुजारा एक टेस्ट पारी में 500 से ज़्यादा गेंदों का सामना करने वाले एकमात्र भारतीय बल्लेबाज़ हैं। यह रिकॉर्ड विपक्षी गेंदबाज़ों को थका देने और उनके हमलों को कुंद करने की उनकी क्षमता को दर्शाता है।
पुजारा के शानदार प्रदर्शन को वैश्विक मंच पर तब पहचाना गया, जब उन्हें 2013 में आईसीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर का खिताब जीता था। इस सम्मान ने क्रिकेट के आइकन बनने की दिशा में उनके सफ़र की शुरुआत की।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) में पुजारा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 2018/19 में प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ का पुरस्कार जीता। टूर्नामेंट में भारत की सफलता में उनके योगदान ने अहम भूमिका निभाई।
पुजारा की यात्रा अंडर-19 स्तर से शुरू हुई। जहां उन्हें 2006 आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। इस शुरुआती पहचान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके भविष्य के प्रभाव को दर्शाया।
पुजारा ने दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में भारत की टेस्ट जीत में अहम भूमिका निभाई है। सबसे ज्यादा SENA देशों के खिलाफ टेस्ट जीत (11) का रिकॉर्ड बनाते हुए वह विदेशी परिस्थितियों में भारत की सफलता की आधारशिला रहे।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान पुजारा की पारी को संभालने की क्षमता का उदाहरण एक सीरीज़ में सबसे ज़्यादा गेंदों (1258) का सामना करने के उनके रिकॉर्ड से मिलता है।
बीजीटी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड भी पुजारा के नाम दर्ज है।
चेतेश्वर पुजारा सबसे तेज 1000 टेस्ट रन बनाने वाले दूसरी भारतीय बल्लेबाज हैं।
Published on:
25 Jan 2025 10:19 am

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