हाशिम अमला ने काउंटी में एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने यहां खेले गए एक मुकाबले में फर्स्ट क्लास क्रिकेट इतिहास की सबसे धीमी पारियों में से एक खेली।
दक्षिण अफ्रिका के दिग्गज बल्लेबाज हाशिम अमला ने काउंटी में एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने यहां खेले गए एक मुकाबले में फर्स्ट क्लास क्रिकेट इतिहास की सबसे धीमी पारियों में से एक खेली। हालांकि उन्होंने ऐसा करके अपनी टीम को हार से बचा लिया। काउंटी चैंपियनशिप में हैंपशर कि खिलाफ हाशिम अमला ने पूरे दिन बल्लेबाजी की। अमला इस मुकाबले में द रोज बाउल मैदान में 278 गेंदों में 37 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी टीम सरे ने दिन का खेल खत्म होने पर 8 विकेट के नुकसान पर 128 रन बनाए।
भारत के खिलाफ भी खेली थी ऐसी पारी
हालांकि हाशिम अमला की यह धीमी पारी टीम के काम आई और हारने से बच गई। पूरे दिन बैटिंग करते हुए हाशिम हमला ने 278 गेंदों का सामना किया। ये फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 40 से कम के स्कोर के लिए एक बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे अधिक गेंद है। इससे पहले अमला ने 6 साल पहले भारत के खिलाफ भी ऐसी ही पारी खेली थी। उस वक्त अमला ने 244 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 25 रन बनाए थे। उस मैच में उनके साथ एबी डिविलियर्स बैटिंग कर रहे थे। उस मैच में डिविलियर्स ने 297 गेंद पर 43 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका को हार से बचाया था।
पहली पारी में 72 रन ही बना पाई थी सरे
भारत के खिलाफ जब अमला ने धीमी पारी खेली थी तो उनका स्ट्राइक रेट 10.24 रहा था, जो 2008 से फर्स्ट क्लाल क्रिकेट में सबसे कम है (न्यूनतम 200 गेंदों का सामना करने के बाद)। वहीं काउंटी चैंपियनशिप में सरे की तरफ से खेलते हुए अमला का स्ट्राइकरेट 13.30 का रहा। इस मैच में हैंपशर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 488 रन बनाए थे। वहीं टीम सरे ने पहली पारी में मात्र 72 रन ही बनाए थे।
तय लग रही थी हरे की हार
सरे जब फॉलेआन खेलने उतरी तो उसकी शुरुआत अच्छी नहीं थी। मात्र 6 रन के स्कोर पर उनकी टीम के सलामी बल्लेबाज रोरी बर्न्स और मार्क स्टोनमैन आउट हो गए थे। आखिरी दिन सरे ने 2 विकेट के नुकसान पर 6 रन से अपनी पारी शुरू की थी। इसको देखते हुए टीम हरे की हार लगभग तय लग रही थी। हालांकि अमला के साथ मिलकर सरे के बल्लेबाजों ने टीम की हार टाल दी।