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IND vs BAN: बेहद कठिन है कुलदीप सेन का सैलून से भारतीय टीम तक का सफर, बार्बर के बेटे ने भारत के लिए डेब्यू

मध्य प्रदेश के रीवा में रहने वाले एक बेहद गरीब परिवार में जन्मे कुलदीप ने कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था। एक गरीब घर में जन्में कुलदीप ने सालों तक संघर्ष किया है। रीवा में सिरमौर चौराहे पर 'फाइन हेयर कटिंग' नाम का छोटा सा सैलून है।

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Kuldeep sen India vs Bangladesh ODI: 'इरादा पक्का और हौसला बुलंद हो तो आपको मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता।' अपने अपने जीवन में यह कहावत कई बार सुनी होगी। इस कहावत का जीता-जागता उदाहरण युवा तेज गेंदबाज कुलदीप सेन हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेले जा रहे पहले वनडे मुक़ाबले में कुलदीप ने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया है। भारत के लिए वनडे खेलने वाले 250वें खिलाड़ी बन गए हैं।

मध्य प्रदेश के रीवा में रहने वाले एक बेहद गरीब परिवार में जन्मे कुलदीप ने कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था। एक गरीब घर में जन्में कुलदीप ने सालों तक संघर्ष किया है। रीवा में सिरमौर चौराहे पर 'फाइन हेयर कटिंग' नाम का छोटा सा सैलून है। इस सैलून के मालिक कुलदीप के पिता रामपाल सेन हैं। रामपाल नहीं चाहते थे कि उनका बेटा क्रिकेट खेले। वे चाहते थे कि वह पढ़ लिख कर कोई नौकरी करे और परिवार की आर्थिक मदद करे।

कुलदीप के पिता कहते हैं कि मैं तो शुरूआत में समझता रहा कि बेटा पढ़ने जाता है। लेकिन जब उसका चयन जिला टीम में हुआ तो बीवी ने मुझसे 500 रुपए मांगे और कहा कि बेटे को सिंगरौली जाना है। तब पता चला कि यह क्रिकेट खेलता है। तब मैंने बेटे को डांटा तो उसने मुझसे कहा कि पापा करियर की चिंता मुझे भी है, आप टेंशन न लो। यह सुनकर दूसरी बार मैंने कभी उसे क्रिकेट खेलने से नहीं टोका।

कुलदीप तीन भाईयों में सबसे बड़े हैं। उनके एक भाई का चयन मध्य प्रदेश पुलिस में हुआ तो दूसरा भाई कोचिंग चलाता है। 'रीवांचल एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर कुलदीप लगातार 145 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं। आईपीएल 2022 में उन्हें चार बार फास्टेस्ट डिलीवरी ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला था।

कुलदीप इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए खेलते हैं। आईपीएल 2022 मेगा ऑक्शन में कुलदीप को राजस्थान की टीम ने 20 लाख की कीमत पर खरीदा। इस समय तक कुलदीप घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके थे, लेकिन बड़े स्तर पर उन्हें पहचान मिलनी बाकी थी। ट्रेंट बोल्ट, प्रसिद्ध कृष्णा और नवदीप सैनी जैसे गेंदबाजों के रहते कुलदीप को मौका मिलने की संभावना भी कम थी, लेकिन उन्हें राजस्थान के चौथे मैच में मौका मिला और उन्होंने इस मौको को गंवाया नहीं। पहले ही मैच में कमाल का आखिरी ओवर कर कुलदीप ने अपनी छाप छोड़ी है।

साल 2018 में कुलदीप ने पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला। वो मध्यप्रदेश का रणजी टीम का हिस्सा बने। बाद में उन्होंने इसी टीम के लिए टी20 मैच भी खेला। अपने पहले रणजी सीजन में उन्होंने 25 विकेट लिए, जिसमें पंजाब के खिलाफ एक पारी में लिए गए पांच विकेट भी शामिल थे। इसके बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा और अब तक वो 16 प्रथम श्रेणी मैचों में 44 विकेट ले चुके हैं। लिस्ट ए मैचों में उनके नाम चार और टी20 में 19 विकेट हैं।

Published on:
04 Dec 2022 12:15 pm
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