
चेन्नई। इंडियन प्रीमियर लीग ( IPL 2020 ) के 13वें सीजन का आगाज 29 मार्च से होने वाला है, लेकिन इस बार आईपीएल पर कोरोना वायरस की तलवार लटकी हुई है। कोरोना की वजह से आईपीएल को रद्द किए जाने की मांग वाली एक पीआईएल मद्रास हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी, जिस पर कोर्ट की टिप्पणी आई है। हाईकोर्ट ने इस पीआईएल को लेकर बीसीसीआई से जवाब मांगा है और इसके लिए कोर्ट ने बीसीसीआई को 23 मार्च तक का वक्त दिया है।
आईपीएल में 15 अप्रैल तक विदेशी खिलाड़ी बैन
इससे पहले भारत सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से विदेशी नागरिकों के भारत आने पर रोक लगा दी है। इसमें वो विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो आईपीएल खेलने हिंदुस्तान आने वाले थे। सरकार ने 15 अप्रैल तक सभी खिलाड़ियों के वीजा सस्पेंड कर दिए हैं। ये साफ है कि 15 अप्रैल तक कोई विदेशी खिलाड़ी आईपीएल में हिस्सा नहीं ले पाएगा।
बीसीसीआई चाहता है आईपीएल का आयोजन
आपको बता दें कि मद्रास हाईकोर्ट में डाली गई इस जनहित याचिका में 29 मार्च से 24 मई के बीच होने वाले आईपीएल को रद्द करने की मांग की गई है। हालांकि इससे पहले भी आईपीएल कोरोना वायरस की वजह से सवालों के घेरे में है। बीसीसीआई की ओर से जो संकेत अब तक मिले हैं उनके मुताबिक बोर्ड हर हाल में इस टूर्नामेंट का आयोजन करना चाहता है।
गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में हो सकता है फैसला
आईपीएल के आयोजन को लेकर 14 मार्च को होने वाली गर्वनिंग काउंसिल की मीटिंग में भी चर्चा हो सकती है। इस मीटिंग में टूर्नामेंट के आयोजन पर अंतिम फैसला भी हो सकता है।
Updated on:
12 Mar 2020 03:05 pm
Published on:
12 Mar 2020 02:43 pm
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